चीन के वुहान से दुनियाभर में पहुंचा कोरोना वायरस महाभयंकर रूप ले चुका है। वैश्विक महामारी बन चुका यह संक्रमण अब तक 5000 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है और 1,39,356 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। केवल चीन में ही 80,955 संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिनमें से 62,888 रोगी अब स्वस्थ हो चुके हैं।
शुरुआत में चीन भी इस महामारी की भयंकरता को भांप नहीं पाया था। लेकिन जैसे ही इस महाप्रकोप को उसने समझा, इसके निराकरण और नियंत्रण में जुट गया। आइए, आपको बताते हैं कि कैसे चीन ने इस महामारी से निपटने की तैयारी की और सफल हो रहा है।
कोरोना वायरस से निपटने के चीन के तरीकों की प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कर चुका है। हालांकि शुरुआत में इसमें कुप्रबंधन भी दिखा था।
पाबंदी का डंडा
आठ दिसंबर 2019 को वुहान में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। लेकिन इस पर कार्रवाई करने में 14 जनवरी तक का समय लग गया। चीन के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ली वेनलियांग ने सबसे पहले कहा था कि वुहान में सार्स जैसी एक बीमारी फैल रही है। लेकिन उनको चुप रहने के लिए कहा गया और सरकार ने अफवाह फैलाने के आरोप में उन्हें दंडित भी किया। कुछ ही दिनों बाद ली की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी।
चीन की सरकार ने शुरुआत में इस मामले को दबाने की भरसक कोशिश की। सरकारी प्रचार प्रणाली ने भी इस मामले को गलत साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लेकिन जनसामान्य का गुस्सा बढ़ता गया। चीन की सरकार और प्रभावित क्षेत्रों के प्रशासन ने ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से कोरोना पर चर्चा करने पर पाबंदी लगा दी थी।
जनवरी 2020 में 18 लोगों को सार्स जैसी बीमारी फैलने की अफवाह उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जल्द ही यह साबित हो गया कि यह अफवाह नहीं सच है।