सऊदी अरब की राजधानी रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को हमला हुआ। इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए। सऊदी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि की है। बयान में कहा गया कि मृतकों में चार सऊदी नागरिक थे। इनमें दो बांग्लादेशी, एक फलस्तीनी और एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के भी एक-एक नागरिक भी मारे गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। यह हमला ईरान युद्ध के नए मोर्चे पर साम्राज्य के खिलाफ हमलों की असाधारण शृंखला का हिस्सा है।
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने हवाई अड्डे के संचालन को निलंबित कर दिया। चोटों और क्षति की सीमा का आकलन किया जा रहा था। विमान चालकों को एक आधिकारिक सूचना में कहा गया कि निलंबन आधी रात तक रहेगा। हवाई अड्डे पर भारी पुलिस बल तैनात था। सभी प्रवेश द्वार अवरुद्ध कर दिए गए थे। परिसर के चारों ओर की रोशनी मंद कर दी गई थी। फ्लाइटरडार24 ट्रैकर के अनुसार, उड़ानें अन्यत्र मोड़ दी गईं।
अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को हवाई अड्डे से बचने की चेतावनी दी। दुनिया के शीर्ष तेल निर्यातक सऊदी अरब पर हुए हमलों ने बाजारों और क्षेत्र को हिला दिया है। इसके बावजूद, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय नवीनतम हमले के घंटों बाद भी रविवार को रियाद में शुरू होने वाले एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन का प्रचार कर रहा था।
यमन में हूती और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच लड़ाई बढ़ गई है। सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन लाल सागर के किनारे हूती लड़ाकों की हालिया बढ़त को पलटने का प्रयास कर रहे सरकारी बलों को हवाई सहायता प्रदान कर रहा है। इन बढ़तों ने विद्रोहियों को जहाजरानी की बेहतर निगरानी प्रदान की है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य का एक महत्वपूर्ण विकल्प है। ईरान वहां जहाजों पर हमला कर रहा है।
हालांकि, हूती विद्रोहियों ने एपी और अन्य को बताया है कि वे केवल सऊदी जहाजरानी को निशाना बना रहे हैं। यह उन पर लगाई गई नाकेबंदी के जवाब में एक नाकेबंदी का हिस्सा है। व्यापक हमलों के बारे में चिंताएं बनी हुई हैं। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद हूती विद्रोहियों ने पहले अन्य जहाजों पर हमला किया था। उन्होंने इसे फलस्तीनियों के साथ एकजुटता बताया था। एक अमेरिकी बमबारी अभियान ने इसे काफी सीमित कर दिया था।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने पिछले महीने एपी को बताया कि सऊदी अरब के पास मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी हो गई है। उसने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से क्षेत्र में हवाई रक्षा सहायता तैनात करने का अनुरोध किया है। एक अधिकारी ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के अपने भंडार भी कम हो गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिकी सहायता में खुफिया जानकारी साझा करना, लक्ष्य पहचान और हूतियों के खिलाफ नवीनतम आक्रमण की योजना बनाना शामिल है।
शनिवार को सऊदी अरब ने कहा कि उसके विदेश मंत्री और ओमान के समकक्ष ने फोन पर बात की। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए राजनयिक समाधानों का समर्थन करने के महत्व पर चर्चा की। ओमान, जो ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य के पार स्थित है, ने समय-समय पर क्षेत्र में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। इस बीच, सऊदी अधिकारियों ने इस सप्ताह जनता को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मिसाइलों और ड्रोन का मुकाबला करने तथा उनके प्रभाव स्थलों से संबंधित जानकारी को फिल्माना, प्रकाशित करना या साझा करना आपको कानूनी जवाबदेही के दायरे में लाता है।
हूती लड़ाकों ने इस सप्ताह वैश्विक एयरलाइंस को 'आखिरी बार' सऊदी हवाई क्षेत्र में संचालन के संभावित परिणामों के बारे में चेतावनी दी थी। उन्होंने इसे अपने सैन्य अभियानों का एक रंगमंच बताया। फ्लाइटअवेयर नामक उड़ान ट्रैकिंग साइट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रियाद हवाई अड्डे पर कम से कम 291 उड़ानें रद कर दी गई थीं। ताजा हमले से पहले एअर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस उन एयरलाइंस में से थीं।
उन्होंने रियाद और अन्य सऊदी हवाई अड्डों से आने-जाने वाली उड़ानों को अलग-अलग अवधियों के लिए निलंबित कर दिया था। यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी ने सऊदी हवाई क्षेत्र पर अपने मार्गदर्शन का विस्तार किया था। उसने साम्राज्य के भीतर गहराई तक, जिसमें रियाद भी शामिल है, लक्ष्यों पर हमला करने की हूतियों की क्षमता को नोट किया। साथ ही, विमानन बुनियादी ढांचे पर अधिक ध्यान देने की बात कही। एजेंसी ने कहा कि मिसाइल और ड्रोन हमले तथा अवरोधन के प्रयास नागरिक विमानों की गलत पहचान का बढ़ा हुआ जोखिम पैदा करते हैं।