कश्मीरी पंडितों ने प्रधानमंत्री को जो ज्ञापन सौंपा, उसमें कश्मीर में उनके समुदाय के लोगों को फिर से बसाए जाने और कश्मीर का विकास करने का अनुरोध किया। इसके लिए उन्होंने एक सलाहकार परिषद का गठन करने की मांग की, जिसमें कश्मीरी पंडित नेताओं, विशेषज्ञों और उद्योगपतियों को शामिल किया जाए।