अमेरिका के साथ तनाव के बीच आईआरजीसी की नौसेना कमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नए नियमों की घोषणा की है। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने धमकी देते हुए कहा था कि क्षेत्र में विदेशी ताकतों के लिए कोई जगह नहीं है। पढ़िए रिपोर्ट-
ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने दक्षिणी तट के पास के समुद्री क्षेत्र को लेकर 'नए नियम' घोषित किए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान का कहना है कि वह अरब की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों पर अपना नियंत्रण मजबूत करना चाहता है।
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आईआरजीसी नौसेना ने क्या कहा?
आईआरजीसी की नौसेना कमान की ओर से बयान जारी किया गया। इस बयान में कहा गया कि वह अरब की खाड़ी और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के साथ फैली ईरान की लगभग 2,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर नियंत्रण रखेगी। बयान में कहा गया कि इन कदमों का मकसद इन जल क्षेत्र को 'ईरान की जनता के लिए गर्व और ताकत का स्रोत, और क्षेत्र के लिए सुरक्षा और समृद्धि का स्रोत' बनाना है।
विदेशी ताकतों के लिए क्षेत्र में जगह नहीं: ईरानी सर्वोच्च नेता
प्रेस टीवी के अनुसार, एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने निर्देश जारी करते हुए कहा था कि फारस की खाड़ी को निशाना बनाने वाली खौफनाक विदेशी ताकतों के लिए इस क्षेत्र में कोई जगह नहीं है, सिवास कि वे इसके पानी की गहराई में हों।
अमेरिका के क्षेत्रीय सहयोगियों पर साधा निशाना
13 अप्रैल को इस्लामाबाद वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरान की नाकाबंदी शुरू कर दी थी। इससे पहले शुक्रवार को मोजतबा खामेनेई ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को 'कागजी शेर' बताया। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने इन ठिकानों की अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता पर सवाल उठाया।
एक्स पर किए गए पोस्ट में खामेनेई ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों की रक्षा क्षमता का मजाक उड़ाया और साथ ही वॉशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों पर भी निशाना साधा, जिसमें इस्राइल और कुछ अरब देश शामिल हैं, जिन्होंने इस संघर्ष के दौरान अमेरिका का समर्थन किया है।