सार
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्र में भी खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक विध्वंसक पोत पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि दोनों जहाज उसके पोतों को परेशान कर रहे थे और समुद्री नाकाबंदी में शामिल थे। दूसरी ओर अमेरिका ने अपने जहाजों पर हमले की बात कही, लेकिन कहा कि वे सुरक्षित रहे। आखिर होर्मुज में क्या हो रहा है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को खदेड़ने का किया दावा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने शनिवार को दावा किया कि उसने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक विध्वंसक पोत पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान का आरोप है कि ये दोनों अमेरिकी युद्धपोत ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी में हिस्सा ले रहे थे। आईआरजीसी के मुताबिक, हमले के बाद दोनों युद्धपोतों को नुकसान हुआ और वे दोबारा हमले के डर से संघर्ष क्षेत्र से पीछे हट गए।
होर्मुज में तनाव की असली वजह क्या है?
यह घटनाक्रम अमेरिकी और ईरानी जहाजों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सामने आया है। आईआरजीसी की नौसेना ने पहले दावा किया था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से कथित तौर पर अनधिकृत मार्ग से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों और दूसरे इलाकों में अमेरिका से जुड़े तीन जहाजों को निशाना बनाया। ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमले के जवाब में की गई। ईरानी नौसेना ने अपने बयान में आसपास के जहाजों को चेतावनी दी कि वे कथित अनधिकृत जलमार्गों से गुजरने से बचें और किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।
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ईरान ने अमेरिका को क्या सीधी चेतावनी दी?
- आईआरजीसी ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर ईरानी जहाजों के खिलाफ उसकी कथित आक्रामक कार्रवाई जारी रही तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा। ईरान ने कहा कि उसके सशस्त्र बल आगे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे।
- आईआरजीसी की ओर से यह भी कहा गया कि जहाजों को अमेरिकी सेना के बहकावे में नहीं आना चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य में संदिग्ध या कथित अनधिकृत रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए।
अमेरिका ने अपने जहाजों पर हमले को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम के अनुसार, पांच सितंबर को अमेरिकी बलों ने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों पर हमला किया। यह कार्रवाई ईरान की ओर से क्षेत्रीय समुद्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद की गई। सेंटकॉम ने कहा कि एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक निर्देशित मिसाइल विध्वंसक ने ईरान के कई हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया और किसी अमेरिकी कर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा। अमेरिका के अनुसार, उसके बलों ने इसके बाद खार्ग द्वीप के पास एमटी डाउनी और जास्क के पास एमटी स्टार्क-1 को स्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया।
तीसरे तेल टैंकर के साथ क्या हुआ?
अमेरिकी सेंटकॉम ने कहा कि बिना माल वाला कच्चे तेल का टैंकर एमटी काइलो, जिसे नॉक्सेन के नाम से भी जाना जाता है, ओमान की खाड़ी में पूरी तरह नष्ट हो गया। अमेरिका के मुताबिक, चालक दल को जहाज छोड़ने का निर्देश दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक बताया है, जबकि अमेरिका ने अपने युद्धपोतों पर हुए कथित ईरानी हमलों के बाद तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। दोनों पक्षों के दावों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में सैन्य तनाव गंभीर बना हुआ है।