हांगकांग में आजादी की मांग को लेकर शुरू हुए चीन विरोधी आंदोलन को छह माह पूरे हो गए। इसकी पूर्व संध्या पर रविवार को 10 हजार से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे और रैली निकाली। आंदोलनकारियों ने चीन विरोधी नारे लगाए और आजादी की मांग को दोहराया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए सिविल ह्यूमन राइट्स फ्रंट के संयोजक जिम्मी शाम ने कहा, ‘यह पूरी तरह से तानाशाही है। मानवाधिकारों को कुचलने के लिए ऐसे कदम सिर्फ एक तानाशाह उठाता है।’ विक्टोरिया पार्क में बैठी 40 साल की एक महिला आंदोलनकारी ने कहा, ‘आजादी के लिए हम अंतिम सांस तक लड़ेंगे।’ 33 साल की तमारा वांग ने कहा कि सरकार जनता की मांगों को अनसुना कर रही है। इससे सरकार के खिलाफ जनता का विरोध बढ़ेगा। सरकार को शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों से वार्ता करनी चाहिए।
पुलिस ने हांगकांग में दो अमेरिकी कारोबारियों को चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र मकाउ जाने से रोक दिया। दोनों अमेरिकी नागरिक अपने कारोबार के सिलसिले में हांगकांग से सटे मकाउ जाना चाहते थे। हांगकांग में प्रदर्शनकारियों के समर्थन वाले एक विधेयक के अमेरिकी संसद से पास होने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद चीन ने इस पर कड़ा एतराज जताया था। चीन ने इसे अपने आंतरिक मामले में दखल बताते हुए अमेरिका को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।