हांगकांग की नेता कैरी लैम ने हांगकांग के प्रत्यर्पण प्रस्ताव को विवादित और अनुपयोगी बताते हुए कहा है कि अब उसका अंत हो चुका है। इस बिल के तहत हांगकांग के किसी अभियुक्त को मुकदमे का सामना करने के लिए चीन प्रत्यर्पित किया जा सकता था।
प्रत्यर्पण कानून को लेकर हांगकांग में लंबे वक्त से प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रस्तावित कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति अपराध करके हांगकांग भाग जाता है तो उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेजा जाएगा।
हांगकांग की सरकार ने फरवरी के महीने में मौजूदा प्रत्यर्पण कानून में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था। ताइवान का एक व्यक्ति अपनी प्रेमिका की कथित तौर पर हत्या कर हांगकांग आ गया था। इसके बाद ही इस कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था।
हांगकांग चीन का एक स्वायत्त द्वीप है और चीन इसे अपने संप्रभु राज्य का हिस्सा मानता है। हांगकांग का ताइवान के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है, इस वजह से हत्या के मुकदमे के लिए उस शख्स को ताइवान भेजना मुश्किल है। हांगकांग में अंग्रेजों के समय का कॉमन लॉ सिस्टम है और इसका एक दर्जन से अधिक देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर भी शामिल हैं।