हांगकांग में प्रदर्शनकारियों को देखते हुए ज्यादातर सबवे रेलवे स्टेशन बंद रहे अधिकारियों को आशंका थी कि शहर में लोकतंत्र समर्थकों द्वारा व्यापक प्रदर्शन किया जा सकता है। वहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों को चेहरे पर मास्क लगाकर प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाने का विपक्षी सांसदों ने विरोध किया है।
हजारों लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को रैलियां निकाली। इससे एक दिन पहले चेहरा ढ़ककर प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई थी और इसके लिए उन औपनिवेशिक कानूनों का सहारा लिया गया, जिनका इस्तेमाल पिछले आधी सदी में नहीं हुआ था।
वैश्विक कारोबार का प्रमुख केंद्र मानेजाने वाला हांगकांग पिछले दिनों दर्जनों सबवे स्टेशन और दुकानों में तोड़फोड़, आगजनी और सड़क बंद होने की समस्याओं से जूझ रहा है।
लोकतंत्र समर्थक सांसदों ने मांग की है कि चेहरा ढ़ककर प्रदर्शन करने पर लगी रोक को हटाया जाए और आपातकालीत शक्तियों को अवैध घोषित किया जाए क्योंकि यह शहर की विधायिका को दरकिनार करता है।
विपक्षी सांसद डेनिस क्वोक ने इसको चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा कि मैं यह कहूंगा कि यह मामला हांगकांग के इतिहास के सबसे बड़े संवैधानिक मामलों में से एक है।
बता दें कि आपातकालीन शक्तियों के तहत हांगकांग की मुख्य प्रशासक को लोक खतरे के समय किसी भी नियम-कानून को बनाने की अनुमति मिल जाती है।