बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा कि उनकी सरकार देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेशी हिंदू देश के नागरिक हैं और उनकी देखभाल की जा रही है।
हर नागरिक की सुरक्षा के लिए कर रहे हरसंभव प्रयास: हुसैन
हुसैन से जब पूछा गया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अल्पसंख्यकों और हिंदुओं पर हमलों को लेकर क्या कदम उठा रही है, तो उन्होंने कहा, "जो भी हिंसा हुई है, उसे हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के रूप में दिखाया जा रहा है। यह सही नहीं हैं। मेरा मानना है कि भारतीय मीडिया को इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने से बाहर आना चाहिए। हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। बांग्लादेश के हिंदू हमारे नागरिक हैं। हम उनकी देखभाल कर रहे हैं।"
हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद अल्पसंख्यकों पर बढ़े हमले
देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद इस साल अगस्त में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार का पतन हुआ। इस दौरान देश में अस्थिरता और अशांति देखी गई। इसी दौरान अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं को लक्षित करने वाली कई हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई थीं।
मोहम्मद तौहीद हुसैन और एस जयशंकर ने की मुलाकात
मोहम्मद तौहीद हुसैन ने न्यूयॉर्क में 79वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा, द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की गई। मंत्रालय ने दोनों नेताओं के बीच बैठक की जानकारी साझा की।
'एक्स' पर एक पोस्ट में बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा, विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से यूएनजीए के सत्र से इतर मुलाकात की और भारत-बांग्लादेश के बीच आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की। वहीं, जयशंकर ने एक एक्स पोस्ट में कहा, आज शाम न्यूयॉर्क में बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से मुलाकात। द्विपक्षीय संबंध हमारी बातचीत के केंद्र में थे।
मोहम्मद यूनुस के खिलाफ लगे 'गो बैक' के नारे
इससे पहले, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस जब यूएनजीए के 79वें सत्र के लिए न्यूयॉर्क के एक होटल में पहुंचे, तो प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ 'गो बैक' (वापस जाओ) के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर कथित हमलों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने 'शेख हसीना हमारी प्रधानमंत्री' जैसे नारे लिखे हुए पोस्टर भी दिखाए।
अवैध तरीके से सत्ता में आए यूनुस: प्रदर्शनकारी
यूनुस ने आठ अगस्त को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली। जब शेख हसीना देश छोड़कर भारत चली गईं और संसद को भंग कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित यूनुस गंद राजनीति के जरिए सत्ता में आए हैं। एक प्रदर्शनकारी शेख जमाल हुसैन ने कहा, मोहम्मद यूनुस ने असांविधानिक और अवैध तरीके से सत्ता हासिल की। उन्होंने गंदी राजनीति करके सत्ता पर कब्जा किया है और कई लोग मारे गए हैं। अभी तक, हमारी निर्वाचित प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा नहीं दिया है। वह (मोहम्मद यूनुस) बांग्लादेशी लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
एक अन्य प्रदर्शनकारी डी.एम. रोनाल्ड ने कहा, हमारी शांति की मांग है। हम धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र में भरोसा करते हैं। जब से उन्होंने बल से सत्ता हासिल की है, हिंदुओं, मुसलमानों और ईसाइयों को निशाना बनाया गया है। हमारे लोग बांग्लादेश में सुरक्षित नहीं हैं। प्रदर्शनकारी ने यह भी कहा कि यूनुस ने 17 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार खो दिया है।