भारत में नुपुर शर्मा की टिप्पणी पर सीख देने वाले पाकिस्तान को खुद के गिरेबान में झांकने की जरूरत है। दरअसल, यहां के कराची शहर में एक हिंदू मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की गई है। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थलों में तोड़फोड का यह ताजा मामला है। पुलिस ने बताया कि कराची कोरंगी इलाके के श्री मारी माता मंदिर में बुधवार को देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की गई है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में एक बार फिर हिंदू मंदिर कट्टरपंथियों का निशाना बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, कराची शहर के मंदिर में देवताओं की मूर्तियों से तोड़फोड़ की गई। देश में अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थलों में तोड़फोड़ का यह ताजा मामला है। पुलिस ने बताया कि कराची कोरंगी इलाके स्थित ‘जे’ क्षेत्र के श्री मारी माता मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर का मुआयना करने के बाद पूछताछ की। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के मुताबिक, घटना से कराची के हिंदू समुदाय के लोग डरे हुए हैं, खासकर कोरंगी इलाके में जहां किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है।
स्थानीय नागरिक संजीव ने कहा कि मोटरसाइकिल पर छह से आठ लोग यहां आए और मंदिर पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा, हमें नहीं पता यह हमला किसने और क्यों किया। वहीं, कोरंगी के थाना प्रभारी फारूक संजरानी ने कहा, 5-6 अज्ञात संदिग्ध मंदिर में आए और वहां तोड़फोड़ के बाद फरार हो गए। उनके खिलाफ केस दर्ज हो रहा है।
मंदिरों में कट्टरपंथियों की तोड़फोड़ के मामले बढ़े
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू आबादी के मंदिरों को अक्सर भीड़ द्वारा निशाना बनाया जाता है। गत वर्ष अक्तूबर में, कोटरी स्थित सिंधु नदी के तट पर एक ऐतिहासिक मंदिर को अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया। इस संबंध में कोटरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसी तरह, गत वर्ष अगस्त माह में भी भोंग शहर में दर्जनों लोगों ने एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की थी। स्थानीय मदरसे में पेशाब करने को लेकर 8 वर्षीय हिंदू लड़के को स्थानीय कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कट्टरपंथियों की भीड़ ने शहर के श्री गणेश हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की थी।
पाकिस्तान में करीब 22 लाख हिंदू : राष्ट्रीय डाटाबेस
नेशनल डाटाबेस ऐंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (एनएडीआरए) के आंकड़ों के आधार पर तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की आबादी में अल्पसंख्यकों की आबादी पांच प्रतिशत से कम है। इनमें हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समूह है। मार्च तक देश में कुल पंजीकृत आबादी 18,68,90,601 है जिनमें से मुस्लिमों की संख्या 18,25,92,000 और हिंदू 22,10,566 हैं। इनके अलावा 18,73,348 ईसाई, 1,88,340 अहमदिया, 74,130 सिख, 14,537 बहाई और 3,917 पारसी रहते हैं।
11 अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी 2,000 से कम
पाकिस्तान में 11 अन्य अल्पसंख्यक समुदाय हैं जिनके लोगों की संख्या दो हजार से कम है। देश में 1,787 बौद्ध, 1,151 चीनी, 628 शिंटो, 628 यहूदी, 1,418 अफ्रीकी धर्म अनुयायी, 1,522 केलाशा धर्म अनुयायी और छह लोग जैन धर्म का पालन करते हैं।
तोड़फोड़ के बाद दहशत में हैं लोग
समाचार पत्र ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, इस घटना से कराची के हिंदू समुदाय के लोग दहशत में हैं, खासकर कोरंगी इलाके में जहां किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की तैनाती की गई है।
कोरंगी के थाना प्रभारी ने दर्ज किया मामला
कोरंगी के थाना प्रभारी फारूक संजरानी ने कहा कि पांच से छह अज्ञात संदिग्ध मंदिर में दाखिल हो गए और वहां तोड़फोड़ करने के बाद फरार हो गए। उन्होंने बताया कि मंदिर पर हमला करने वाले अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।
पाकिस्तान में पहले भी होते आए हैं हमले
बता दें कि पाकिस्तान में पहले भी हिंदू के मंदिरों को अक्सर भीड़ द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है। अक्तूबर में, कोटरी में सिंधु नदी के तट पर स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर को अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर निशाना बनाया था। इस संबंध में कोटरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।