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Hezbollah: 'अगर इस्राइल ने उग्रवादियों को हराया तो अगली बारी उनकी होगी'; हिजबुल्ला की खाड़ी देशों को चेतावनी

Thu, 11 Sep 2025 12:02 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत

सार

हिजबुल्ला नेता नईम कासेम ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर उग्रवादी समूहों को हराया गया तो अगली बारी उनकी होगी। कासेम की यह टिप्पणी इस्राइल द्वारा कतर की राजधानी दोहा में फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के राजनीतिक नेतृत्व पर हमला करने के एक दिन बाद आई है।
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हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासेम और इस्राइली पीएम नेतन्याहू। - फोटो : ANI
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विस्तार
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लेबनान के उग्रवादी समूह हिजबुल्ला के नेता ने बुधवार को कहा कि इस्राइल का कतर पर हमला तेल समृद्ध खाड़ी देशों के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि अगर इस क्षेत्र में उग्रवादी समूहों को हराया गया तो अगली बारी उनकी होगी। 

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नईम कासेम की यह टिप्पणी इस्राइल द्वारा कतर की राजधानी दोहा में फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के राजनीतिक नेतृत्व पर हमला करने के एक दिन बाद आई है, जिसकी सरकार गाजा पट्टी में चल रहे युद्ध में एक प्रमुख मध्यस्थ रही है। हालांकि, हमले में हमास के बड़े नेता बच गए, लेकिन पांच निचले स्तर के सदस्य और एक कतरी सुरक्षा अधिकारी मारे गए। 

कतर पर हमला इस्राइल की 'ग्रेटर इस्राइल' योजना का हिस्सा
कासेम ने कहा, 'हम कतर के पक्ष में हैं, जिस पर हमला हुआ और हम फलस्तीनी प्रतिरोध के भी साथ खड़े हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला इस्राइल की 'ग्रेटर इस्राइल' की योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वह मध्य पूर्व के बड़े हिस्से पर कब्जा करना चाहता है। 
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लेबनान सरकार ने हिजबुल्ला को निरस्त्र करने के प्रस्ताव को दी है मंजूरी 
कासेम का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब लेबनान सरकार ने हाल ही में ईरान समर्थित हिजबुल्ला को निरस्त्र करने के सैन्य प्रस्ताव को मंजूरी दी है। हिजबुल्ला को इस्राइल के साथ 14 महीने तक चले युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जो नवंबर में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ था। 

कासेम की खाड़ी देशों से अपील- उग्रवादी समूहों को दें समर्थन
कासेम ने कहा कि इस्राइल अपने विस्तारवादी मकसद में सफल नहीं हो पाया है, इसकी वजह लेबनान, गाजा और मध्य पूर्व के अन्य हिस्सों में उग्रवादी समूहों की मौजूदगी है। उन्होंने खाड़ी देशों से अपील की कि वे इन संगठनों को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से समर्थन दें। उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर दुश्मन प्रतिरोध को हरा देता है, जो वह कर नहीं पाएगा तो अगली बारी खाड़ी देशों की होगी।' उनका इशारा बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों की ओर था, जिनके इस्राइल से सामान्य संबंध हैं। 

युद्धविराम लागू होने के बाद से इस्राइल लेबनान पर कर रहा हवाई हमले
लेबनान की स्थिति पर बोलते हुए कासेम ने कहा कि इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध समाप्त करने वाला युद्धविराम अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर पाया और इस्राइल युद्धविराम का उल्लंघन करता रहता है। उन्होंने कहा, युद्धविराम लागू होने के बाद से, इस्राइल लगभग रोजाना लेबनान पर हवाई हमले कर रहा है, जिनमें मुख्य रूप से हिजबुल्ला के सदस्य शामिल हैं। वहीं, इस्राइल का कहना है कि हिजबुल्ला युद्ध के बाद अपनी ताकत दोबारा जुटाने की कोशिश कर रहा है। 

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कासेम ने लेबनान में राष्ट्रीय एकता की अपील की
कासेम ने लेबनान में राष्ट्रीय एकता की अपील की और कहा कि हिजबुल्ला अपने हथियारों पर चर्चा तभी करेगा, जब इस्राइल लेबनान की पांच पहाड़ियों से पीछे हटे और हवाई हमले बंद करे। विश्व बैंक के अनुसार, इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध में लेबनान में सैकड़ों नागरिकों समेत 4,000 से ज्यादा लोग मारे गए और 11 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। इस्राइल में 80 सैनिकों समेत 127 लोग मारे गए। 

हमास हमले के एक दिन बाद 8 अक्तूबर को शुरू हुआ था युद्ध
यह युद्ध 8 अक्तूबर 2023 को तब शुरू हुआ, जब हिजबुल्ला ने इस्राइल पर रॉकेट दागे। इससे एक दिन पहले हमास ने दक्षिणी इस्राइल पर हमला किया था, जिसने गाजा युद्ध को जन्म दिया। इसके जवाब में इस्राइल ने लेबनान पर बमबारी शुरू कर दी और सितंबर 2024 तक दोनों पक्षों के बीच यह संघर्ष पूरे युद्ध में बदल गया।

 

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