भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर जारी है। आज 4 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इस बीच, अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अचानक बढ़ जाने पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह देखना बहुत मायूस करने वाला है कि संकट ने देश में स्वास्थ्य ढांचों पर जबरदस्त ढंग से दबाव डाला है। इस महामारी ने भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली को बर्बाद कर दिया।
प्रतिनिधि सभा में भारत कॉकस के डेमोक्रेटिक सह प्रमुख, कांग्रेस सदस्य ब्रैड शर्मन ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोविड-19 के मामलों में हालिया वृद्धि एक मानवीय संकट है, जिसे हमारी मदद की जरूरत है। शर्मन ने कहा कि जब तक भारत में कोविड-19 है, उसके अतिरिक्त प्रकारों के सामने आने की आशंका रहेगी, जो सभी को टीका दे चुके अमेरिका के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। हमें हर उस जगह से वायरस को खत्म करने के प्रयास करने होंगे जहां यह मौजूद है।
वायरस का एक परिवर्तित स्वरूप बी.1.617 भारत में बी.1.1.7 और बी.1.351 समेत कई अन्य प्रकारों के साथ फैल रहा है। बी.1.1.7 और बी.1.351 पहली बार क्रमश: ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में मिला था।
इससे एक दिन पहले, शर्मन और उनके अन्य सहयोगियों- रिपब्लिकन उपप्रमुख स्टीव चेबोट, डेमोक्रेटिक उपप्रमुख रो खन्ना और रिपब्लिकन उपप्रमुख माइकल वाल्ट्ज ने अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू के साथ विस्तृत बैठक की। इसके बाद राष्ट्रपति जो बाइडन को शुक्रवार को पत्र लिखकर भारत के लिए अधिक मदद का अनुरोध किया।
शर्मन ने कहा, “मैं ऑक्सीजन, दवाएं एवं पीपीई प्राप्त करने में भारत की मदद के लिए भारत कॉकस के अपने सहयोगियों का धन्यवाद करता हूं।” चेबोट ने कहा, “यह देखना बेहद दु:खद है कि कोविड-19 संकट भारत की स्वास्थ्य प्रणालियों पर जबर्दस्त ढंग से दबाव डाल रहा है।”
वाल्ट्ज ने कहा कि भारत में कोविड-19 की हालिया लहर को रोकने में अमेरिका का सहयोग करना अमेरिका के राष्ट्रीय हित के लिए अत्यावश्यक है।