इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
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इस्राइल में कुछ ही हफ्तों बाद आम चुनाव होने हैं। इस बीच देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ सोमवार को यरूशलम की अदालत में भ्रष्टाचार के मामले में सुनवाई शुरू हो गई। सुनवाई के दौरान नेतन्याहू ने खुद को निर्दोष बताया।
बता दें, नेतन्याहू पर पिछले साल तीन विभिन्न मामलों में धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। इन आरोपों के चलते अब इस्राइल के लोग बड़ी संख्या में हर सप्ताहांत पर प्रदर्शन कर रहे हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नेतन्याहू के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नेतन्याहू ने कोरोना वायरस संकट का भी उचित तरीके से मुकाबला नहीं किया।
नेतन्याहू की पेशी के दौरान भी अदालत के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेतन्याहू ने अपने सम्पन्न मित्रों से महंगे उपहार स्वीकार किए। आलोचकों का यह भी कहना है कि नेतन्याहू ने अपने और अपने परिवार के पक्ष में खबरें दिखाने के बदले में मीडिया क्षेत्र के दिग्गजों को लाभ पहुंचाने के प्रस्ताव भी दिए।
पिछले माह लॉकडाउन के चलते इस मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई थी। इस्राइल पर सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेतन्याहू ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन पर पद पर रहने के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों में मामला चला। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने पद से इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया है।
सोमवार को सुनवाई में नेतन्याहू के वकीलों ने लिखित जवाब देते हुए कहा है कि उनके मुवक्किल दोषी नहीं हैं। सुनवाई के करीब 20 मिनट बाद नेतन्याहू अदालत कक्ष से निकल गए और फिर वहां से रवाना हो गए। उनके खिलाफ मामला पिछले वर्ष मई में शुरू हुआ था।