गीदड़भभकी देने वाले पाकिस्तान की हेकड़ी अब निकल गई है। शुक्रवार को उसके प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि वह भारत से कश्मीर समेत सभी लंबित मुद्दों पर सार्थक बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश कार्यालय प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का पक्षधर है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही गीदड़भभकी देने वाले पाकिस्तान की हेकड़ी अब निकल गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का बयान से साफ हो गया है कि अब वो धीरे-धीरे नरम पड़ने लगा है। शुक्रवार को शफकत अली खान ने कहा कि वह भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों, विशेषकर कश्मीर विवाद पर सार्थक बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में यह दावा किया।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार देश है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत से संवाद आवश्यक है। खान ने जोर दिया कि शांति और विकास दोनों देशों के हित में हैं। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर विवाद सहित सभी मुद्दों पर भारत से संवाद की पहल का स्वागत करता है। उनका कहना था कि विवादों को बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है और यह क्षेत्रीय शांति के लिए भी जरूरी है।
फिर झूठ बोला पाकिस्तान
खान ने कहा कि पाकिस्तान की प्रतिबद्धता किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। हालांकि इन सबके बावजूद उसकी झूठ बोलने की आदत नहीं गई। साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई और कहा कि भारतीय नेताओं को अपने सशस्त्र बलों को हुए नुकसान को स्वीकार करना चाहिए। जबकि पूरी दुनिया जानती है कि इसमें पाकिस्तान को ही नुकसान हुआ था। इतना ही नहीं, प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारत का पाकिस्तान परमाणु खतरा पैदा कर रहा है वाला पूरी तरह से भ्रामक है।
संवाद की राह पर आगे बढ़ना चाहिए- पाकिस्तान
खान ने आगे कहा कि पाकिस्तान का उद्देश्य तनाव बढ़ाना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और शांति कायम करना है। खान का कहना था कि भारत को भी यही दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और आरोप-प्रत्यारोप की बजाय संवाद की राह पर आगे बढ़ना चाहिए।
खान ने सिख धर्मस्थलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान गुरुद्वारा करतारपुर साहिब समेत कई धार्मिक स्थलों का संरक्षक है। हर साल दुनिया भर से हजारों सिख श्रद्धालु वहां आते हैं और पाकिस्तान उनका स्वागत करता है। प्रवक्ता ने साफ किया कि भारत से आने वाले सिख तीर्थयात्रियों का भी हमेशा स्वागत किया जाएगा।
साथ ही यह भी दोहराया कि पाकिस्तान शांति, स्थिरता और धार्मिक सद्भाव का पक्षधर है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों को समझदारी दिखाते हुए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता कायम हो सके।