मैकडेनियल की मुख्य प्रतिद्वंद्वी और ट्रंप की वकील ढिल्लों ने पत्रकारों से कहा, पार्टी एकजुट नहीं है। पार्टी में अभी जिस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, उससे कोई भी एकजुट नहीं रहने वाला है। ऐसा लगता है कि जमीनी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
भारतीय मूल की प्रख्यात अमेरिकी अटॉर्नी हरमीत ढिल्लों ‘रिपब्लिकन नेशनल कमेटी’ (आरएनसी) के अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं जीत सकी हैं। इस हाई-प्रोफाइल चुनाव में रोना मैकडेनियल को एक बार फिर आरएनसी अध्यक्ष चुन लिया गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी माने जानी वाली मैकडेनियल का कार्यकाल दो साल का होगा।
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गुप्त मतदान के जरिये हुए चुनाव में उन्हें 111 वोट मिले, जबकि ढिल्लों को 51 मत हासिल हुए। इस चुनाव ने रिपब्लिकन पार्टी में अंदरूनी स्तर पर बढ़ते विभाजन को उजागर कर दिया है, जो 2024 में अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनावों में उसकी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। मैकडेनियल की मुख्य प्रतिद्वंद्वी और ट्रंप की वकील ढिल्लों ने पत्रकारों से कहा, पार्टी एकजुट नहीं है। पार्टी में अभी जिस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, उससे कोई भी एकजुट नहीं रहने वाला है। ऐसा लगता है कि जमीनी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।