इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के पहले चरण की समाप्ति से कुछ दिन पहले ही हमास सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले में गुरुवार को चार मृत इस्राइली बंधकों के शव लौटाएगा। इस्राइल ने हमास की तरफ से बंधकों की रिहाई के दौरान उनके साथ किए गए क्रूर व्यवहार के विरोध में शनिवार से लगभग 600 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई में देरी की थी। इस पर हमास ने कहा है कि हमास ने कहा है कि यह देरी उनके संघर्ष विराम का गंभीर उल्लंघन है और जब तक फलस्तीनियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक दूसरे चरण पर बातचीत संभव नहीं है।
इस्राइली अधिकारी ने रिहाई की पुष्टि की
हमास के प्रवक्ता अब्दुल लतीफ अल-क़ानू ने बुधवार को बताया कि हमास अगले दिन चार इस्राइलियों के शव सौंप देगा। इसके बदले में, इस्राइल फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, साथ ही 7 अक्तूबर, 2023 को इस्राइल पर हमास के हमले के बाद से हिरासत में लिए गए भारी संख्या में महिलाओं और नाबालिगों को भी रिहा करेगा। एक इस्राइली अधिकारी ने पुष्टि की कि चार बंधकों के शव सौंपे जाने की उम्मीद है, लेकिन उन्होंने कोई और विवरण नहीं दिया। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी साझा की।
इस्राइल और हमास ने मंगलवार को पहले ही कहा था कि बंधकों के शव लौटाने के लिए एक समझौता हो गया है, लेकिन कोई तारीख घोषित नहीं की गई थी। हमास ने बंधकों और चार मृत बंधकों के शवों को बड़े सार्वजनिक समारोहों में रिहा किया है, जिसके दौरान इस्राइलियों को परेड करवाई गई और बड़ी भीड़ के सामने हाथ हिलाने के लिए मजबूर किया गया। इसे इस्राइल, रेड क्रॉस और संयुक्त राष्ट्र ने अपमानजनक करार दिया था।
15 महीने की लड़ाई के बाद जारी समझौता होगा खत्म
नया समझौता युद्धविराम के पहले चरण के दोनों पक्षों के दायित्वों को पूरा करेगा - जिसके दौरान हमास लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों के बदले में आठ शवों समेत 33 बंधकों को लौटा रहा है।मसंयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र और कतर की तरफ से मध्यस्थता किए गए युद्ध विराम ने 15 महीने की भीषण लड़ाई को समाप्त कर दिया, जो हमास के 7 अक्तूबर, 2023 के हमले के बाद शुरू हुई थी, जिसमें इज़राइल में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया गया था। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस्राइल के सैन्य हमले में 48,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं, गाजा की अनुमानित 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हुई है और क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य प्रणाली को नष्ट कर दिया है।