गाजा में चल रहे भीषण युद्ध को खत्म करने की दिशा में हमास ने शुक्रवार को अमेरिका समर्थित 60 दिन के संघर्षविराम प्रस्ताव को लेकर एक सकारात्मक जवाब दिया है। इसके बाद अब माना जा रहा है कि इस्राइल और हमास के बीच आखिरी दौर की बातचीत जल्द शुरू होगी और एक औपचारिक युद्धविराम समझौता हो सकता है।
हमास ने अपने बयान में कहा, 'हमने मध्यस्थों को सकारात्मक जवाब दिया है और इस ढांचे को लागू करने के तरीके पर बातचीत शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।' इससे पहले इस्राइल पहले ही इस अमेरिकी प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका था। अब जब दोनों पक्ष सहमत दिख रहे हैं, तो उम्मीद है कि आने वाले हफ्ते में युद्ध विराम लागू हो जाएगा।
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अमेरिका के प्रस्ताव में क्या है?
- यह प्रस्ताव कुल 60 दिनों के संघर्षविराम का है, जिसमें दोनों पक्षों को सैन्य कार्रवाई रोकनी होगी।
- पहले दिन हमास आठ जीवित बंधकों को छोड़ेगा। इसके बदले इस्राइल कुछ फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा।
- कुल 10 जीवित और 18 मृत इस्राइली बंधकों की रिहाई तय की गई है।
- इस्राइल उत्तरी गाजा के कुछ हिस्सों से अपनी सेना हटाएगा।
- इसके बाद एक स्थायी संघर्षविराम की ओर बातचीत शुरू की जाएगी।
- हमास को बंधकों की रिहाई किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या उत्सव के बिना करनी होगी।
ट्रंप ने जताई उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा, 'हमें यह युद्ध अब खत्म करना होगा। मैं आशा करता हूं कि अगले हफ्ते संघर्षविराम पर समझौता हो जाएगा।' उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मध्य पूर्व की भलाई के लिए हमास को यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेना चाहिए, क्योंकि इससे बेहतर प्रस्ताव नहीं आएगा – बल्कि हालात और भी बदतर हो सकते हैं।'
इस्राइल में विरोध, लेकिन समर्थन भी
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शनिवार रात कैबिनेट की बैठक बुलाएंगे और रविवार को अमेरिका रवाना होंगे, जहां वे सोमवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिलेंगे। हालांकि नेतन्याहू की सरकार के कुछ दक्षिणपंथी मंत्री इस समझौते का विरोध कर रहे हैं और इसे रोकने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन देश के कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने साफ कर दिया है कि वे शांति समझौते का समर्थन करेंगे।
हमास के 'संशोधन' पर क्या कहा गया?
हमास ने प्रस्ताव में कुछ आवश्यक संशोधन किए हैं, लेकिन फलस्तीनी-अमेरिकी मध्यस्थ बिशारा बहबह ने फेसबुक पर कहा कि ये बदलाव बहुत बड़ी बाधा नहीं हैं। 'मेरे विचार में, ये संशोधन समझौते को रोकेंगे नहीं। हमें उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक संघर्षविराम लागू हो जाएगा।'
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ईरान-इस्राइल टकराव के बाद बदले हालात
बीते महीने ईरान और इस्राइल के बीच 12 दिन तक चले तनावपूर्ण संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक प्रयास तेज हुए। कतर और मिस्र जैसे देश इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। अब इस प्रस्ताव में अमेरिका की तरफ से यह गारंटी भी दी गई है कि इस्राइल पूरे 60 दिन की बातचीत के दौरान वार्ता में शामिल रहेगा और स्थायी शांति के लिए रास्ता खोजा जाएगा। साथ ही, प्रस्ताव के मुताबिक इस्राइल को अब गाजा में मानवीय सहायता पारंपरिक चैनलों से पहुंचानी होगी, न कि उस विवादास्पद गाजा ह्यूमेनिटेरियन फाउंडेशन के जरिए, जिसे वह खुद चला रहा था।
अब तक गाजा में 57,000 से ज्यादा मौतें
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 57,000 से अधिक फलस्तीनियों की जान जा चुकी है। संघर्षविराम प्रस्ताव की बातचीत के बीच भी इस्राइल ने गाजा पर बमबारी तेज की, जिससे दर्जनों लोग मारे गए। लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों पक्ष अगर इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बना लेते हैं, तो लंबे समय बाद गाजा में शांति लौट सकती है।