गाजा में युद्धविराम पर बातचीत (फाइल)
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हमास ने सोमवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गाजा में संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई के लिए बातचीत में बाधा डालने का आरोप लगाया। कहा कि किसी समझौते पर पहुंचने के सभी प्रयासों को विफल करने के लिए उन्हें जबरन विस्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मध्यस्थ मिस्र और कतर इस सप्ताह नई बैठकों की मेजबानी करने वाले थे।
बता दें कि फलस्तीनी क्षेत्र में करीब नौ महीने से हमास और इस्राइल के बीच युद्ध चल रहा है। तभी से मध्यस्थ संघर्ष विराम के लिए वार्ता कर रहे हैं, लेकिन संघर्ष को समाप्त करने के लिए चली सभी वार्ताएं अभी तक विफल हो चुकी हैं। अब मध्यस्थ फिर से समजौते पर जोर दे रहे हैं।
हमास ने एक बयान में कहा, नेतन्याहू हमारे लोगों के खिलाफ अपनी आक्रामकता और अपराधों को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उसके कतर स्थित राजनीतिक नेता इस्माइल हानियेह ने कहा कि उन्होंने गाजा में घटनाओं पर मध्यस्थों के साथ तत्काल संपर्क किया था। हनियेह ने चेतावनी दी थी कि गाजा में जो हो रहा है, उसके विनाशकारी परिणाम बातचीत की प्रक्रिया को एक स्तर पर ला सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, गाजा शहर में सोमवार को भीषण लड़ाई हुई। इस्राइली सेना ने फलस्तीनी क्षेत्र के उत्तर में अपनी निकासी सीमा का विस्तार किया, जिससे हजारों फलस्तीनियों को भागना पड़ा। दूसरी तरफ नेतन्याहू ने रविवार को एक बयान जारी किया, जिसमें दोहराया कि कोई भी समझौता इस्राइल को गाजा में लौटने और युद्ध के सभी लक्ष्यों को प्राप्त होने तक लड़ने की अनुमति देगा।
सूत्रों ने मीडिया को जानकारी दी कि सीआईए निदेशक विलियम बर्न्स और इस्राइल के मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया बुधवार को दोहा जाएंगे। वह कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से मुलाकात करेंगे। वहीं, नई वार्ता से पहले हमास ने संकेत दिया कि वह पूर्ण युद्धविराम पर अपनी जिद छोड़ देगा। यदि इस्राइल उसकी एक मांग को स्वीकार कर ले, जिसे उसने बार-बार खारिज कर दिया है।