होंडुरास में गुरुवार को दो अलग-अलग जगहों पर हुई गोलीबारी में 25 लोगों की मौत हो गई। पहला हमला ट्रूजिलो के एक बागान में हुआ, जहां 19 मजदूरों को मौत के घाट उतार दिया गया। दूसरा हमला ओमोआ में हुआ, जिसमें गैंगस्टर विरोधी अभियान पर जा रहे छह पुलिसकर्मी मारे गए। होंडुरास सरकार ने मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक और सुरक्षा बलों की विशेष टीम मौके पर भेज दी है।
मध्य अमेरिकी देश होंडुरास से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां हथियारबंद बदमाशों ने दो अलग-अलग जगहों पर अंधाधुंध गोलीबारी की है। इस भयानक हमले में कम से कम 25 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मरने वालों में पुलिस के छह जवान भी शामिल हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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यह खूनी खेल गुरुवार को होंडुरास के तटीय इलाकों में खेला गया। अधिकारियों के मुताबिक, पहला हमला उत्तरी होंडुरास के ट्रूजिलो नगर पालिका क्षेत्र के एक बागान में हुआ। यहां काम कर रहे कम से कम 19 मजदूरों को गोलियों से भून दिया गया। इसके बाद दूसरा हमला ग्वाटेमाला सीमा के पास ओमोआ इलाके में हुआ, जहां बदमाशों ने पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में एक वरिष्ठ अधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों की जान चली गई।
ट्रूजिलो के बागान में क्यों हुआ यह खूनी संघर्ष?
ट्रूजिलो का इलाका प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और यहां दशकों से जमीन और खेती को लेकर खूनी संघर्ष चलता आ रहा है। यह इलाका पर्यावरण और भूमि अधिकारों की रक्षा करने वालों के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। गैर-सरकारी संगठन 'ग्लोबल विटनेस' के अनुसार, होंडुरास पर्यावरणविदों के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक है। साल 2024 में यहां पर्यावरण नेता जुआन लोपेज की हत्या कर दी गई थी। यहां जमीन और जंगल बचाने वाले कार्यकर्ताओं को अक्सर धमकियां मिलती हैं और उन पर जानलेवा हमले होते रहते हैं।
पुलिसकर्मियों पर बदमाशों ने क्यों किया जानलेवा हमला?
ओमोआ में मारे गए छह पुलिसकर्मी एक विशेष 'एंटी-गैंग मिशन' (गैंगस्टर विरोधी अभियान) पर निकले थे। पुलिस के मुताबिक, यह टीम राजधानी टेगुसिगाल्पा से ओमोआ जा रही थी, तभी रास्ते में बदमाशों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। होंडुरास लंबे समय से खतरनाक गैंग (गिरोह) और नशीले पदार्थों की तस्करी से जूझ रहा है। विश्व बैंक के अनुसार 2011 के बाद से यहां हत्या की दर में कमी आई थी, लेकिन इस बड़ी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी होंडुरास के सैन्यीकृत पुलिस रवैये की आलोचना करते रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन अब क्या कार्रवाई कर रहा है?
इस भीषण नरसंहार के बाद पुलिस और सशस्त्र बलों ने दोनों इलाकों को पूरी तरह से घेर लिया है। राष्ट्रीय पुलिस के प्रवक्ता एडगार्डो बाराहोना ने बताया कि ट्रूजिलो में मरने वालों की सही संख्या का पता लगाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि कई पीड़ित परिवार पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपने रिश्तेदारों के शव वहां से ले गए हैं। सुरक्षा मंत्रालय ने कहा है कि घटना की गहराई से जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और अभियोजकों की एक विशेष टीम बनाई गई है, जो दोषियों को पकड़ने का काम करेगी।