यजीदी महिलाओं ने बंदूकें उठा लीं
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इस्लामिक स्टेट जब पूरे चरम पर अपना कहर लोगों पर बरसा रहा था तो ऐसे समय में उसको चुनौती देने के लिए यजीदी महिलाओं ने बंदूकें उठा लीं। हजारों लोगों को मौत के घाट उतार देने वाले इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को इस यजीदी लड़ाकू महिलाओं ने खूब पानी पिलाया और पीछे की तरफ ढकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
उत्तरी इराक के सिंजर में जब आईएस अपनी बर्बरता को लगातार बरपाता जा रहा था तो ऐसे समय में यह महिलाएं ही लोगों को ताकत का एहसास दिलाती है और उनके डर को दूर करती हैं। एक यजीदी महिला असीमा दहीर ने रॉयटर्स से बातचीत करते हुए बताया कि वो मेरे आठ पड़ोसियों को उठाकर ले गए और मेरी आंखों के सामने बच्चों को गोलियां से भून दिया।
इसके बाद से ही उसने आईएस के खिलाफ लड़ने की ठान ली। अब वो कुर्दिश फौज का हिस्सा है और आईएस के लड़ाकों को उत्तरी इराक से पीछे ढकेलने में जी जान एक दी।
ऐसी ही कई महिलाएं है जो आईएस के आतंक को पीछे ढकेलने में जीन जान से जुट गई और आईएस को पीछे ढकेल दिया। अब इन महिलाओं की साहस की सच्ची कहानी और महिलाओं को कुर्दिश फौज का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। कुर्दिश फौज को भी एक नई ताकत मिल गई है। इनके सहारे और अपनी फौज को मजबूती देने में जुटे हुए हैं।