इराकी सरकार ने अपने शहर मोसुल से आईएसआईएस के सफाए का ऐलान कर दिया है। यूएन ने इस मामले में शुक्रवार को बताया कि मोसुल में आतंकी संगठन आईएसआईएस और इराकी सेना के बीच चल रहे युद्ध के दौरान लगभग दस लाख लोगों को विस्थापित किया गया। लेकिन शहर से बाहर भेजे गए लोगों में से केवल दो लाख लोग ही अपने घर वापस लौट पाए हैं।
वहीं इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन ऑफ माइग्रेशन के एक बयान के अनुसार पिछले साल अक्तूबर में जब इराकी सेना और आईएस आतंकियों के बीच युद्ध शुरू हुआ था उस वक्त लगभग 10.5 लाख लोग शहर छोड़कर भाग गए थे। इसके बाद भी 825,000 लोगों को वहां से विस्थापित किया गया।
टाइगरिस नदी के पास बसे इस शहर की 2014 में कुल बीस लाख आबादी थी। गौरतलब है कि बीते सोमवार को इराकी प्रधानमंत्री हैदर-अल-अबादी ने अपना कब्जा होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहर को जिहादी संगठन से मुक्त कर लिया गया है। लेकिन इस शहर तक पहुंच पाना अभी भी असंभव है, जहां इतने बड़े पैमाने पर विनासकारी ऑपरेशन चल रहा हो।