सऊदी अरब ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए हदीस (पैगंबर साहब की शिक्षा और कार्य, जैसा कि उनके अनुयायियों ने बताया है) की व्याख्या की समीक्षा की बात कही है। इसके लिए विद्वानों की एक समिति गठित की है।
किंग सलमान की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मदीना में रहने वाले आला विद्वानों के एक अंतरराष्ट्रीय निकाय का गठन किया गया है, जो हदीस को पेश करने वालों की राय की समीक्षा करेगा ताकि इसका इस्तेमाल हिंसा और आतंकवाद को जायज ठहराने में न किया जाए।
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सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्रालय ने कहा है कि किंग सलमान कॉम्प्लेक्स (विद्वानों की परिषद) सही और प्रामाणिक हदीस का विश्वसनीय स्रोत बन जाएगा। मंत्रालय ने कहा है कि आला विद्वान हदीस के नाम पर पेश किए जाने वाले नकली पाठ या पाठों की समीक्षा करेंगे।
इस्लाम शांति का धर्म है। मक्का और मदीना की दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक सऊदी किंग सलमान ने वरिष्ठ विद्वानों की परिषद के एक सदस्य शेख मोहम्मद बिन हसन अल-शेख को इसकी वैज्ञानिक परिषद का चेयरमैन बनाया है। परिषद के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राजकीय आदेश से होगी।