एक हफ्ते पहले इराक सरकार ने मोसुल पर दोबारा अपना कब्जा घोषित कर दिया। सरकार की ओर से दावा किया गया कि पूरे इलाके से आईएसआईएस के आतंकियों को खदेड़ दिया गया है, लेकिन इन सब के बावजूद लापता 39 भारतीयों का कोई पता नहीं चल रहा है।
पिछले हफ्ते संसद में लापता भारतीयों के बारे में बताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि सभी भारतीय इराक की जेल में हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक लापता भारतीयों का कुछ पता नहीं चल है। लापता भारतीयों के परिवार को ये खबरें परेशान कर रही है। अब वह अपने परिजनों से मिलना चाहते हैं।
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक आईएसआईएस के आतंकियों ने जिन भारतीयों का अगवा किया था, उनमें से बचे हरजीत मसी ने बताया कि आतंकियों ने 11 जून 2014 को सभी 39 भारतीयों का अपहरण किया था। जिसके बाद वह 15 जून को सभी को बदूश के रेगिस्तान में ले गए और मार डाला।
हरजीत किसी तरह से मोसुल से भागने में सफल हुए और वह अरबील बॉर्डर पहुंचे, जहां उनकी मुलाताक भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। वहां से लौटने के बाद उन्होंने बेहद ही कठीन जीवन यापन किया।