ईरान के दौरे पर 21 मई को जा रहे प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी का ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई से मिलना तय है। मोदी की खामनेई से इस मुलाकात पर अमेरिका, इसराइल और पाकिस्तान की खास निगाह है। क्योंकि सुप्रीम लीडर ईरान के दौर पर आने वाले राष्ट्राध्यक्षों से आमतौर पर मुलाकात नहीं करते।
प्रधानमंत्री के दौरे को सफल बनाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे डिप्लोमेट्स ने कहा मिडिल ईस्ट की पॉलिसी में ईरान को साथ लेकर चलना होगा। हाल ही में विदेश मंत्राी सुषमा स्वाराज और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी ईरान गए थे। पेट्रोलियम मंत्री ने इंडियन एक्सप्रैस को बताया ईरान से पाबंदी हटने के बाद वहां अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। हम ईरान के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करना चाहते हैं। भारत तेल और गैस के व्यापार के अलावा अपने पुराने रिश्तों को मजबूत करना चाहता है।
पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा मोदी की अयातुल्लाह अली खामनेई से मुलाकात महत्वपूर्ण है क्योंकि खामनेई अक्सर राष्ट्राध्यक्षों से नहीं मिलते। ईरान में वह ही ऐसी व्यक्ति हैं जो खास मुद्दों पर वास्तविक निर्णय लेते हैं। अगर वे स्वयं मिलने के लिए तैयार हैं तो इसका मतलब है ईरान भारत से रिश्ते मजबूत करना चाहता है।