सीरिया के एक संदिग्ध परमाणु संयंत्र पर साल 2007 में हमला करने की बात को इस्राइल ने पहली बार स्वीकार कर लिया है। इस्राइल की सेना की तरफ से गोपनीय सामग्रियों को सार्वजनिक किए जाने के बाद यह जानकारी सामने आई है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब सीरिया के आस-पास के इलाकों में अपने मुख्य प्रतिद्वंदी ईरान की उपस्थिति पर इस्राइल ने चेतावनी तेज कर दी है।
इस्राइल की सेना ने सार्वजनिक की गोपनीय सामग्रियां
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बार-बार विश्व शक्तियों और ईरान के बीच परमाणु समझौते को बदलने या खत्म करने पर जोर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इस महीने नेतन्याहू से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा था कि परमाणु करार 12 मई तक तय किया जाना चाहिए वरना अमेरिका इसमें शामिल होगा।
इस्राइल के एक सैन्य प्रवक्ता ने इससे संबंधित दस्तावेजों को जारी किए जाने के बारे में पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया। एक सैन्य बयान में कारण बताया गया है कि क्यों इजरायल पूर्वी-सीरिया के देईर ईजोर क्षेत्र में रेगिस्तान स्थल पर हवाई हमले कर रहा था।
दरअसल लंबे समय से यह माना जा रहा है कि 2007 में इजरायल ने सीरिया पर हमला किया था। वहीं सीरिया ने इस बात से साफ इनकार किया है कि उसने किसी परमाणु संयंत्र का निर्माण किया था।