ईरान के प्रमुख नेता अयातुल्लाह अली खामेनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निंदा की। अयातुल्लाह ने कहा कि ट्रंप ने यूएन में जो भाषण दिया था वह किसी 'गैंगस्टर या काउ ब्वॉय' के भाषण की तरह था। अयातुल्लाह का यह बयान उनके संगठन एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट की वेबसाइट पर डाला गया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, बयान में लिखा है कि ट्रंप का मूर्खतापूर्ण, भद्दा और उग्र बयान उनके गुस्से और निराशा की वजह से था। जारी बयान में आगे कहा गया है कि ट्रंप का बयान अमेरिका और वहां रहने वाले सभ्य लोगों के लिए शर्म की बात है और इसपर उनको बिल्कुल भी गर्व नहीं करना चाहिए।
एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट धर्मगुरुओं की एक संस्था है। यह संस्था मुख्य नेता की गतिविधियों पर नजर रखती है और उसको पद से हटाने की ताकत भी रखती है।
क्या है मामला
इसी हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप ने यूएन की जनरल असेंबली में अपना पहला भाषण दिया था। उसमें ट्रंप ने ईरान पर निशाना साधते हुए उसे घातक बताया था। ट्रंप ने कहा था कि ईरान के मुखियाओं की तरफ से ही हिंसा, रक्तपात और अराजकता फैलाई जाती है। ट्रंप ने ईरान की विश्व की छह महाशक्तियों के साथ हुई डील को वॉशिंगटन के लिए शर्मनाक बताया था।
ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से ही वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। जिस डील की बात ट्रंप ने की वह 2015 में हुई थी। इस डील में ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और यूएस शामिल थे। इस डील के तहत ईरान ने अपने परमाणु प्रोजेक्ट में भारी कटौती की थी और बदले में इन देशों ने उसपर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंध हटाए थे।
लेकिन अब ईरान आरोप लगाता है कि डील से जिन आर्थिक फायदों की उनको उम्मीद थी वे हुए ही नहीं। यूएन की परमाणु गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था मान चुकी है कि ईरान ईमानदारी से डील का पालन कर रहा है, लेकिन यूएस का कहना है कि जबतक ईरान ब्लास्टिक मिसाइल के टेस्ट करता रहेगा तबतक यही माना जाएगा कि वह डील का पूरी तरह से अनुपालन नहीं कर रहा है।
कुछ दिन पहले ट्रंप ने कहा कि वह फैसला कर चुके हैं कि ईरान के साथ हुई डील का आगे क्या करना है। लेकिन उन्होंने किसी को अभी कुछ बताया नहीं है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भी डोनाल्ड ट्रंप की निंदा की। रूहानी ने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए सारे आरोप झूठे और गलत हैं।