इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच गाजा पट्टी का दृश्य (फाइल)
- फोटो : ANI
इस्राइल-गाजापट्टी सीमा पर पसरा सन्नाटा सिर्फ धमाकों की आवाज से टूटता है। एक साल से जारी युद्ध के चलते हवाओं में अब गंध भी बारूद की ही आती है। रास्तों पर सिर्फ सेना की गाड़ियां फर्राटा भरती हैं। रेगिस्तान सरीखे इस इलाके में दूर से ही सीमा के उस पार एक शहर के खंडहर में तब्दील होने का एहसास होता है। यह गाजापट्टी पर बसा गाजा शहर है, जहां हर तरफ धुएं के गुबार दिखाई पड़ते हैं।
अमर उजाला दुनिया के इसी सबसे बड़े युद्ध क्षेत्र में पहुंचा है। यहां हमने अपनी आंखों के सामने धमाके और उनसे बर्बाद होते गाजापट्टी के शहरों को देखा। इस्राइल के सबसे बड़े शहरों में से एक तेल अवीव से महज एक घंटे की दूरी पर गाजापट्टी है। जैसे-जैसे गाजापट्टी की ओर बढ़े, सामने आ रहा था इस्राइल का वह क्षेत्र जो रेगिस्तान से कम नहीं था। रास्ते में एक चेक पोस्ट पर कागजात दिखाने के बाद आगे बढ़ने की अनुमति मिली। तकरीबन 40 मिनट की ड्राइव के बाद गाजापट्टी पर बसे शहर दिखने लगे। यहीं से होकर हमास ने इस्राइल में नरसंहार किया था।
थोड़ी देर रुके थे कि होने लगे धमाके...
हमें गाजापट्टी सीमा क्षेत्र में पहुंचे हुए 20 मिनट ही हुए थे कि सीमा के उस पार बड़े धमाके होने लगे। सेना के जवान ने बताया कि किसी बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। इस इलाके में पसरा सन्नाटा सिर्फ यहां होने वाले धमाकों से ही टूटता है। जवान ने बताया कि दोनों ओर से लगातार हमले होते रहते हैं। इलाके में कभी भी हमास की मिसाइलें गिर जाती हैं।
इस्राइली कफर अजा से देखने आते थे गाजापट्टी
बॉर्डर इलाके पर आगे चलते हुए कफर अजा और नेहाल ओज इलाके में हम पहुंचे। यह इलाका हमास के आतंकियों की जद में पहले भी रहा था। कफर अजा में कभी गाजा को देखने के लिए इस्राइल के लोग आया करते थे। लेकिन अब यहां सिर्फ सेना की टुकड़ियों की ही मौजूदगी है।
जमीन में बने बेस कैंप से चलता है बड़ा ऑपरेशन
इस पूरे इलाके में इस्राइल की सेना ने कई अंडरग्राउंड बेस कैंप तैयार किए हैं। गाजा इलाके में किए जाने वाले सभी बड़े ऑपरेशन ऐसे ही विशेष मिलिट्री बेस कैंप से किए जाते हैं। हालात ये हैं कि हर घंटे बॉर्डर के इलाकों में मिसाइलें दागी जाती हैं। हमास यहीं से ऑपरेशन चलाता है।
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