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विदेश में ऐसे प्रोपगैंडा फैला रहा ड्रैगन!: लंदन की स्ट्रीट आर्ट लेन में लिखे चीनी नारे, विवाद शुरू

Tue, 08 Aug 2023 12:12 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग रात में सफेद दीवार पर लाल रंग से बड़े-बड़े चीनी अक्षरों में ‘core socialist values’ लिख रहे। बताया जा रहा है कि जिन अक्षरों को लिखा गया है वो चीन के राजनीतिक नारे हैं। 
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स्ट्रीट आर्ट के लिए मशहूर लंदन की ब्रिक लेन पर दिखे चीनी नारे - फोटो : social media
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विस्तार
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लंदन की ब्रिक लेन स्ट्रीट आर्ट के लिए काफी मशहूर है। हालांकि, इस बार यह लेन आर्ट के लिए नहीं बल्कि चीन के प्रोपगैंडा के चलते चर्चाओं में आई है। बताया जा रहा है कि यहां की दीवारों पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधारा की प्रशंसा करने वाले नारे लिखे गए हैं। 

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चीन के राजनीतिक नारे दीवारों पर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग रात में सफेद दीवार पर लाल रंग से बड़े-बड़े चीनी अक्षरों में ‘core socialist values’ लिख रहे। बताया जा रहा है कि जिन अक्षरों को लिखा गया है वो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन के तहत सबसे आम राजनीतिक नारे हैं। इस तरह का प्रचार चीन में भी कई बार देखा गया है। 

सोशल मीडिया पर बहस

सोशल मीडिया पर इन नारों को लेकर बहस शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि क्या इस तरह के नारे स्ट्रीट आर्ट माने जाएंगे। वहीं दूसरी ओर, लोगों ने चीनी सरकार की आलोचना की है। सवाल उठने पर कुछ ने बताया कि यह अपराध है। इसके लिए 800 यूरो का जुर्माना भी लगाया जाता है। वहीं, कुछ यूजर इस बात से नाराज थे कि नारों की वजह से पुराने अच्छी तस्वीरों को छिपा दिया गया।

किसी ने किया बचाव तो किसी ने की आलोचना

एक रचनाकार वांग हानजेंग ने दावा किया है कि जिन्हें राजनीतिक नारे बताए जा रहे उनका अर्थ अलग है। उन्होंने चीनी भाषा में लिखा कि समूह ने विभिन्न वातावरणों पर चर्चा करने के लिए राजनीतिक तत्वों को एक कोट के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने आगे कहा कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि दूसरी तरफ क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह 24 अक्षर सिर्फ चीन ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी अहम हैं।

चीन में लिखकर दिखाएं ऐसा 

चीन में कुछ लोगों ने तर्क दिया कि ब्रिक लेन में जो किया गया वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता थी और इसकी रक्षा की जानी चाहिए। एक उपयोगकर्ता ने वांग के इंस्टाग्राम पोस्ट पर टिप्पणी की कि आपने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, वे अन्य लोगों की कला को छिपा रहे हैं। यह सही नहीं है। वहीं एक अन्य ने लिखा कि क्या आप बीजिंग जाकर लोकतंत्र और आजादी के बारे में लिखने की हिम्मत करते हैं? अगर आप हिम्मत करते हैं, तो जिस देश से आप प्यार जता रहे हैं, वह आपको गिरफ्तार कर लेगा।

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