पीपीपी के एक वरिष्ठ नेता रविवार को बताया कि जरदारी ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बैठक में उनसे सरकार का कार्यकाल पूरा होने से कुछ दिन पहले नेशनल असेंबली भंग करने को कहा, ताकि नवंबर में चुनाव कराए जा सकें।
देश के संविधान के मुताबिक अगर नेशनल असेंबली अपना कार्यकाल पूरा करती है तो चुनाव साठ दिनों के भीतर कराए जाने होते हैं। लेकिन अगर असेंबली को समय से पहले भंग कर दिया जाता है, भले ही एक दिन पहले, तो इससे सरकार को चुनाव कराने के लिए नब्बे दिन का समय मिल जाएगा।
नेशनल असेंबली का पांच साल का कार्यकाल 12 अगस्त, 2018 को इमरान खान की तत्कालीन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार के तहत शुरू हुआ था और शहबाज के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के तहत पूरा होने वाला है।
सियालकोट में एक लैपटॉप वितरण समारोह को संबोधित करते हुए शहबाज ने कहा, 'हमारी सरकार अगले महीने अपना कार्यकाल पूरा करेगी। उम्मीद है कि कार्यकाल पूरा होने से पहले हम चले जाएंगे और नई अंतरिम सरकार कार्यभार संभाल लेगी।' उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी (पीएमएल-एन) आगामी आम चुनाव जीतती है तो यह देश की किस्मत बदल देगी।