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Google : गूगल हारी एंड्रॉयड ऑटो एक्सेस लड़ाई; यूरोपीय संघ की अदालत ने इतालवी निगरानी संस्था का किया समर्थन

Wed, 26 Feb 2025 03:08 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स

सार

यह सॉफ्टवेयर ड्राइवरों को उनकी कार के डैशबोर्ड पर मानचित्रों के साथ नेविगेट करने और पहिये के पीछे संदेश भेजने की अनुमति देता है। गूगल, जिसने जूसपास को एंड्रॉइड ऑटो के साथ संगत बनाने से इन्कार करने के लिए सुरक्षा चिंताओं और एक विशिष्ट टेम्पलेट की अनुपस्थिति का हवाला दिया था, ने इतालवी काउंसिल ऑफ स्टेट में निर्णय को चुनौती दी थी।
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Google - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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शीर्ष यूरोपीय अदालत ने मंगलवार को इटली के अविश्वास प्राधिकरण का पक्ष लेते हुए कहा कि अल्फाबेट इकाई गूगल द्वारा विकसित ई-मोबिलिटी एप (एनेल) को अपने एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म तक पहुंच न देना, इसकी बाजार शक्ति का दुरुपयोग माना जा सकता है। इतालवी निगरानी संस्था ने एंड्रॉइड ऑटो पर एनेल के जूसपास को ब्लॉक करने के लिए 2021 में गूगल पर 10.2 करोड़ यूरो (10.67 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया। इसी के साथ एंड्रॉइड ऑटो एक्सेस पर गूगल इस मुद्दे का हल करके भी एक तरह से लड़ाई को हार गई है।

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यह सॉफ्टवेयर ड्राइवरों को उनकी कार के डैशबोर्ड पर मानचित्रों के साथ नेविगेट करने और पहिये के पीछे संदेश भेजने की अनुमति देता है। गूगल, जिसने जूसपास को एंड्रॉइड ऑटो के साथ संगत बनाने से इन्कार करने के लिए सुरक्षा चिंताओं और एक विशिष्ट टेम्पलेट की अनुपस्थिति का हवाला दिया था, ने इतालवी काउंसिल ऑफ स्टेट में निर्णय को चुनौती दी थी। इसने बाद में लक्जमबर्ग स्थित यूरोपीय संघ के न्यायालय (सीजेईयू) से मार्गदर्शन मांगा था। गूगल ने अब इस मुद्दे को हल कर लिया है, लेकिन यह निर्णय भविष्य में इसी तरह की स्थितियों में प्रमुख कंपनियों की कार्रवाइयों का मार्गदर्शन कर सकता है।

एप का कोई टेम्पलेट नहीं
सीजेईयू के न्यायाधीशों ने इतालवी नियामक का समर्थन किया है। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि संबंधित एप की श्रेणी के लिए कोई टेम्पलेट नहीं है तो कंपनियां अपने इन्कार को उचित ठहरा सकती हैं और ऐसी स्थिति में इंटरऑपरेबिलिटी प्रदान करना प्लेटफॉर्म की सुरक्षा या अखंडता से समझौता होगा।
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इन-एप लेनदेन शुल्क पर था विरोध : एपल
एपल में लंबे समय से कार्यकारी अधिकारी रहे फिल शिलर ने माना कि उन्होंने आईफोन निर्माता द्वारा अपनी भुगतान प्रणाली के बाहर संसाधित किए इन-एप लेनदेन पर लगाए जाने वाले शुल्क का विरोध किया था। इसका कारण अधिक प्रतिस्पर्धा पैदा करने के लिए बनाए गए कोर्ट आदेश के टूटने का डर था। आईफोन के लिए एपल के एप स्टोर की देखरेख करने वाले शिलर ने ओकलैंड संघीय कोर्ट में तीन घंटे की गवाही में यह स्वीकारोक्ति की। वह अदालत में नौ माह पूर्व लोकप्रिय फोर्टनाइट वीडियो गेम के निर्माता एपिक गेम्स के साथ लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई के हिस्से के रूप में बतौर गवाह पेश हुए।

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