फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका में काम: एच-1बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों के लिए वर्क परमिट के समर्थन में आगे आई गूगल

Fri, 14 May 2021 10:29 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

गूगल ने शुक्रवार को कहा कि वह एक ऐसे कानून का विरोध करने के लिए करीब 30 कंपनियों और व्यापार संगठनों का नेतृत्व कर रही है जिससे एच-1बी वीजा पर काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों के हजारों जीवनसाथियों को अमेरिका में काम करने पर रोक लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है। गूगल की वाइस प्रेसिडेंट (लीगल) कैथरीन लाकावेरा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से प्रवासियों का स्वागत करने के अमेरिका के गौरवशाली इतिहास को बचाने के लिए एक उचित इमिग्रेशन व्यवस्था जरूरी है। 
विज्ञापन
Google - फोटो : unsplash.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एच-1बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों को एच-4 वीजा मिलता है और कुछ निश्चित मामलों में वह एक रोजगार अनुमति दस्तावेज के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले एच-4 वीजा धारकों को आम तौर पर वहां वर्क परमिट मिल जाता था, जहां उनके उनके एच-1बी वीजा धारक जीवनसाधी को परमानेंट रेजिडेंस कार्ड या ग्रीन कार्ड मिला होता था।

विज्ञापन


लेकिन ग्रीन कार्ड में दशकों के बैकलॉग ने ओबामा प्रशासन को 2015 में एच-4 रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज (ईएडी) नियम पेश करने के लिए प्रेरित किया। यह एकल आय पर जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ। हालांकि, आईटी कर्मचारियों के एक समूह, सेव जॉब्स यूएसए, का दावा है कि उन्होंने एच-1 बी श्रमिकों के चलते नौकरी खो दी और एच-1 बी वीजा धारकों के ऐसे जीवनसाथियों के लिए एच-4 ईएडी जारी करने को समाप्त करने के लिए उसी वर्ष मुकदमा दायर किया था।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान एच-4 कार्य नियम को रद्द करने पर विचार हुआ लेकिन ऐसा हो नहीं पाया और जो बाइडन के सत्ता में आने के बाद अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने यह कदम वापस ले लिया। अब वादी और बाइडन प्रशासन दोनों ही मामले में संक्षिप्त निर्णय की मांग कर रहे हैं। 
विज्ञापन


लाकावेरा ने कहा कि एच-4 ईएडी प्रोग्राम से 90 हजार से अधिक एच-1बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों को कार्य करने की अनुमति मिलती है। इनमें से 90 फीसदी महिलाएं हैं। इसे समर्थन देने के लिए हम करीब 30 कंपनियों और व्यापार संगठनों को साथ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम के हटने से ऐसे संकट के समय मे कई परिवारों के लिए दिक्कतें खड़ी हो जाएंगी। गूगल के प्रमुख सुंदर पिचाई ने भी कहा है कि उनकी कंपनी अमेरिका में काम कर रहे प्रवासियों का समर्थन करके गर्व महसूस कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें