एकाधिकार खत्म करने वाली गतिविधियों को लेकर गूगल व अदालतों का विवाद 2015 में शुरू हुआ था। तीन साल बाद यूरोपीय आयोग ने कंपनी पर अब तक का सबसे भारी-भरकम एंटी-ट्रस्ट जुर्माना ठोका था, जिसे खारिज कराने के लिए उसने शीर्ष कोर्ट का रुख किया था।
सर्च इंजन गूगल को एकाधिकार के मामले में तगड़ा झटका लगा है। यूरोपीय संघ (ईयू) की एक शीर्ष अदालत ने बुधवार को अल्फाबेट कंपनी पर प्रतिस्पर्धा का गला घोंटने व यूजर्स के लिए विकल्प घटाने के लिए लगा चार अरब डॉलर यानी लगभग 31,778 करोड़ रुपये का जुर्माना खत्म करने से इनकार कर दिया।
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कोर्ट ने गूगल की अपील पर सुनवाई के दौरान कहा, हम यूरोपीय नियामक के फैसले पर मुहर लगाते हैं, कंपनी ने एंड्रॉयड मोबाइल निर्माताओं व मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों पर गैर-कानूनी प्रतिबंध थोपे थे, ताकि वह सर्च इंजन बाजार में अपना प्रभुत्व बना सके। एकाधिकार खत्म करने वाली गतिविधियों को लेकर गूगल व अदालतों का विवाद 2015 में शुरू हुआ था। तीन साल बाद यूरोपीय आयोग ने कंपनी पर अब तक का सबसे भारी-भरकम एंटी-ट्रस्ट जुर्माना ठोका था, जिसे खारिज कराने के लिए उसने शीर्ष कोर्ट का रुख किया था।
जुर्माने की राशि में पांच फीसदी कटौती
यूरोप के दूसरे सबसे बड़े कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, उल्लंघन की गंभीरता और इसकी अवधि को देखते हुए गूगल पर 4.125 अरब यूरो (3.99 अरब डॉलर) का जुर्माना वाजिब है। आयोग ने 4.34 अरब यूरो जुर्माना लगाया था, जिसे कोर्ट ने पांच फीसदी कम कर दिया।
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जुर्माना खत्म होने की आस लगाए बैठी थी गूगल
कोर्ट द्वारा जुर्माना बरकरार रखे जाने के आदेश पर गूगल ने निराशा जाहिर की। कंपनी प्रवक्ता ने कहा, हम निराश हैं क्योंकि अदालत ने आयोग का फैसला रद्द नहीं किया। असल में एंड्रॉयड ने न सिर्फ सभी यूजर्स के लिए ज्यादा विकल्प पैदा किए हैं, बल्कि यूरोप समेत दुनियाभर में इसके आसरे हजारों सफल कारोबार चलते हैं।
गूगल की लगातार दूसरी हार
अदालत में गूगल की यह लगातार दूसरी हार है। इससे पहले, पिछले साल ही उसने 2.42 अरब डॉलर जुर्माने को चुनौती दी थी, जो खारिज हो गई। आयोग ने माना था कि गूगल की गतिविधियां प्रतिस्पर्धा-रोधी हैं और उपभोक्ताओं के लिए विकल्प कम करती हैं।
दुनियाभर के नियामकों के लिए नजीर
यह आदेश दिग्गज टेक कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए दुनियाभर के नियामकों के लिए एक बड़ी नजीर है। यूरोप में एंटी ट्रस्ट प्रवर्तकों ने सर्च इंजन कंपनी के खिलाफ एक दशक से चली आ रही तीन जांचों में कुल आठ अरब डॉलर जुर्माना लगाया था।
एक ब्रिटिश फर्म ने यूरोपीय आयोग को नवंबर, 2009 में गूगल की शिकायत की थी। करीब 18 शिकायतों के बाद आयोग ने कंपनी के खिलाफ जांच शुरू की।