दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल के भारतवंशी सीईओ सुंदर पिचाई ने नए ग्रेजुएट्स को एक विशेष संदेश में सफलता का फलसफा समझाया है। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता ने अपनी साल भर की कमाई को जोड़कर उनके लिए अमेरिका का टिकट खरीदा। यही टिकट उनके दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन ‘गूगल’ के सीईओ तक के सफर का पहला पायदान साबित हुआ।
यूट्यूब पर हुई वर्चुअल बातचीत में पिचाई ने स्नातकों को हमेशा अपनी सोच ऊंची और उम्मीदें कायम रखने की सलाह दी। साथ ही तरक्की के लिए अपने अंदर बेताबी को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने आते वक्त वह पहली बार हवाई जहाज में बैठे।
उसके बाद ठान लिया कि हमेशा ऊंचाइयों पर ही रहना है। कंप्यूटर साइंस में रुचि थी तो उसे ही अपना जज्बा बना लिया। पूरी ईमानदारी से मेहनत की और आज नतीजा सबके सामने है। उन्होंने छात्रों को अपने सपने के लिए दिन-रात मेहनत करने, इरादे बुलंद रखने और चुनौतियों का डटकर सामना करने का मंत्र दिया।
खुद पर विश्वास करें और इतिहास रचें
सुंदर पिचाई ने कहा, आप सब खुद पर विश्वास रखेंगे तो इतिहास रचेंगे। 1920 की महामारी, 1970 का वियतनाम युद्ध और 2001 के 9/11 अटैक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, तब भी लोगों ने चुनौतियों को मात दे इतिहास रचा था। आप लोग भी इस कोरोना महामारी को मात देंगे और अपने जज्बे से ऐसे बदलाव करेंगे कि दुनिया आपको याद रखेगी।
ये हस्तियां रहीं मौजूद
फेयरवेल सेरेमनी में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, उनकी पत्नी मिशेल ओबामा, बेयॉन्स, लेडी गागा, दक्षिण कोरियाई बैंड बीटीएस और बेटियों की शिक्षा के लिए काम करने वालीं मलाला युसुफजई मौजूद रहीं। इनके अलावा भी कई अन्य हस्तियां वहां मौजूद रहीं।