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ग्लोबल वार्मिंग: अमेरिका ने 10 अन्य देशों के साथ भारत को 'चिंता के देश' की सूची में शामिल किया

Fri, 22 Oct 2021 02:13 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिका ने जलवायु परिवर्तन को लेकर 10 अन्य लोगों के साथ भारत को 'चिंता के देश' के रूप में वर्गीकृत किया है। अमेरिकी खुफिया समुदाय के आकलन के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग का खामियाजा इन देशों को भुगतना होगा।
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जलवायु परिवर्तन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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अमेरिका ने भारत और 10 अन्य देशों को जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश करार दिया है। अमेरिका ने एक सूची बनाई है जिसमें भारत और 10 अन्य देशों को 'चिंता के देश' के रूप में वर्गीकृत किया है।

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अमेरिकी खुफिया समुदाय के आकलन के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग का सबसे ज्यादा खामियाजा इन देशों को भुगतना पड़ेगा। इन देशों में लगातार गर्म हवाओं की तीव्र लहरें चल सकती है, यहां के लोगों को सूखा और पानी-बिजली की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

10 अन्य देशों में शामिल हैं ये देश
भारत के अलावा सूची में शामिल अन्य देश अफगानिस्तान, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, इराक, पाकिस्तान, निकारागुआ, कोलंबिया, म्यांमार और उत्तर कोरिया हैं। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि खुफिया समुदाय ने आकलन किया है कि 11 देशों को 'गर्म तापमान, मौसम में ज्यादा परिवर्तन और समुद्र के पैटर्न में व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है जिससे उनकी ऊर्जा, भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरा होगा।'
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जलवायु पर पहली बार राष्ट्रीय खुफिया अनुमान (एनआईई) को राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के अमेरिकी कार्यालय द्वारा एक साथ रखा गया, जो 16 खुफिया एजेंसियों की देखरेख करता है। इस रिपोर्ट को गुरुवार को जारी किया गया, जिसने जलवायु को लेकर चिंता के दो क्षेत्रों की भी पहचान की है और अफ्रीकी महाद्वीप के देशों का भी नाम दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, 'खुफिया समुदाय ने 11 देशों और दो क्षेत्रों की पहचान की है जो जलवायु परिवर्तन के खतरे से चिंतित हैं।' रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 'इन देशों और क्षेत्रों में कठिनाइयों से जल्दी उबरने की क्षमता बढ़ने से संभवतः अमेरिकी हितों के लिए भविष्य के जोखिमों को कम करने में विशेष रूप से सहायक होगा।'

जलवायु परिवर्तन से बड़े स्तर पर बीमारी फैलने की आशंका
रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादा गर्मी पड़ने और तीव्र चक्रवातों से जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना है। ऐसे में बीमारी से ग्रसित आबादी में बढ़ोतरी होगी, और वे लोग दूसरे लोगों में भी बीमारी फैलाएंगे। आगे कहा गया है कि प्रोजेक्शन मॉडल बताते हैं कि भारत, अफगानिस्तान, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, इराक और पाकिस्तान में डेंगू की घटनाओं में वृद्धि होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सहित इन 11 देशों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुकूल होने के लिए वित्तीय संसाधनों या शासन क्षमता की कमी है, इससे अस्थिरता-प्रेरित प्रवास और विस्थापन प्रवाह के जोखिम बढ़ेंगे। यह अमेरिका की दक्षिणी सीमा को भी प्रभावित कर सकता है इसलिए उन्हें पहले से ही उच्च स्तर की विदेशी सहायता और मानवीय सहयोग पहुंचाने की जरूरत है।

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