साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार पूर्वानुमान की तुलना में समुद्र में मौजूद ग्लेशियर कहीं अधिक तेजी से पिघल रहे हैं। इस अध्ययन से जलवायु के चलते समुद्र के जलस्तर में इजाफा को लेकर पूर्वानुमान के तरीकों में सुधार हो सकता है। ‘साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित यह निष्कर्ष शोधकर्ताओं द्वारा विकसित नये तरीके पर आधारित है जिसके आधार पर पहली बार समुद्री ग्लेशियरों के पिघलने का सीधे तौर पर आकलन किया गया। इनमें ‘वैली ग्लेशियर’ भी हैं जो समुद्र में बहते हैं।