जर्मनी में बढ़ी शरणार्थी समस्या के बाद धुर दक्षिणपंथी चरमपंथ के उभार के चलते सरकार ने सैकड़ों पुलिस कर्मियों और खुफिया एजेंटों की भर्ती का कदम उठाया है। इस संबंध में जर्मनी के गृहमंत्री ने बाकायदा जानकारी दी कि देश में धुर दक्षिणपंथियों, वामपंथियों और इस्लामी चरमपंथ से खतरे से निपटने के लिए अब नई भर्तियां शुरू हो चुकी हैं।
गृह मंत्री होर्स्ट सीहोफर ने बताया कि संघीय अपराध पुलिस कार्यालय और खुफिया एजेंसी बीएफवी दोनों जगह 300-300 कर्मियों की भर्ती करेंगे। ये लोग खासतौर से धुर दक्षिणपंथी अपराधों की जांच करेंगे और उन्हें रोकने के लिए काम करेंगे। देश में बढ़ रहे धुर वामपंथी और इस्लामी चरमपंथ खतरे के चलते नए लोगों की भर्ती की जा रही है ताकि इनके अपराधों को रोकने के लिए चलने वाली मुहिम कमजोर ना पड़े।
बता दें कि इस भर्ती के संबंध में सरकार पिछले साल ही अपनी सहमति जता चुकी है। जर्मन गृहमंत्री ने कहा, देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती है। सीहोफर ने कहा कि जर्मनी में कुल मिला कर सुरक्षा की स्थिति अच्छी है लेकिन कुछ अलग-अलग भयानक घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से लोगों का भरोसा डगमगा रहा है।
भड़काऊ घटनाक्रम बढ़े
अक्तूबर में हाले शहर के सिनेगॉग (यहूदी प्रार्थना घर) पर हुए हमले में हमलावर ने घटना को अंजाम देने के बाद पहले सोशल मीडिया पर एक यहूदियों के खिलाफ एक भड़काऊ बयान पोस्ट किया था। जब वह सिनोगॉग के अंदर नहीं घुस पाया तो उसने बाहर दो लोगों की जान ले ली। जून में चांसलर मर्केल की पार्टी के एक नेता की हत्या कर दी गई। उसने शरणार्थियों के प्रति मर्केल के स्वागत के भाव का समर्थन किया था।
12,000 लोगों पर संदेह
जर्मनी में करीब 12,000 ऐसे लोग हैं जिनकी विचारधारा धुर दक्षिणंथी है और जो हिंसक हो सकते हैं। सरकार को इन पर संदेह है। संघीय अपराध पुलिस कार्यालय के प्रमुख होल्गर मुएंच ने हालांकि ध्यान दिलाया है कि आधे से ज्यादा दक्षिणपंथी अपराध ऐसे लोगों ने किए जिनके बारे में पुलिस पहले से नहीं जानती थी। इनमें हाले में सिनेगॉग का हमलावर भी शामिल है।