German Chancellor Angela Merkel
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अंतरराष्ट्रीय प्रलय स्मरण दिवस के मौके पर जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि अब असामाजिकता को नाकाम करने की जरूरत है। हर साल 27 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय प्रलय स्मरण दिवस मनाया जाता है, इस दिन होलोकास्ट के पीड़ितों, 1941-45 के बीच नाजी जर्मनी के द्वारा यूरोपियन यहुदियों के नरसंहार को याद किया जाता है।
एक वीडियो संदेश में एंजेला मर्केल ने कहा कि वो होलोकास्ट के दौरान पीड़ित हुए लोगों के लिए काफी शर्मिंदा हैं। यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र, यूनेस्को और अंतरराष्ट्रीय प्रलय स्मरण समूह द्वारा एक साथ आयोजित किया गया था। मर्केल ने कहा कि 76 साल पहले, 27 जनवरी 1945 के दिन पोलैंड के
Auschwitz-bikrenau में एकाग्रता और तबाही शिविर को मुक्त किया गया था। एंजेला मर्केल ने कहा कि वहां और दूसरे इलाकों में क्या होता था, जहां राष्ट्रीय समाजवादी अवधि के दौरान लोगों के साथ अत्याचार किया जाता था।
एंजेला मर्केल ने आगे कहा कि इस बात के लिए हम बहुत शर्मिंदा हैं। हमें असामाजिकता के खिलाफ दृढ़ता के साथ खड़ा होना चाहिए। हमे अंतरराष्ट्रीय प्रलय स्मरण दिवस पीड़ितों को याद करके उनके प्रति सम्मान प्रकट करना चाहते हैं और उनकी दुर्दशा से सीख ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह भविष्य और आज की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
जर्मन चांसलर मर्केल ने कहा कि ये जर्मनी की स्थायी जिम्मेदारी है कि वो होलोकास्ट के पीड़ितों को याद करें और उनसे सीख ले। एंजेला मर्केल ने कहा कि मैं विशेष तौर पर बचे हुए लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने हमें इन कहानियों से रूबरू कराया।