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विवाद : जॉर्जिया के कानून पर अमेरिका में उबाल, क्रॉसफायर में फंसा कॉरपोरेट सेक्टर

Sun, 04 Apr 2021 08:36 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

  • अमेरिका में जारी राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण एक बार फिर से उबल पड़ा है
  • यह विवाद मेजर लीग बेसबॉल टूर्नामेंट को जॉर्जिया राज्य के शहर अटलांटा से बाहर ले जाने के फैसले पर हुआ
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : PTI
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विस्तार
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अमेरिका में जारी राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण फिर उबल पड़ा है। इस बार मुद्दा मेजर लीग बेसबॉल टूर्नामेंट को जॉर्जिया राज्य के शहर अटलांटा से बाहर ले जाने का फैसला है। टूर्नामेंट प्रबंधन ने ये निर्णय जॉर्जिया राज्य में मताधिकार को संकुचित करने के लिए हाल में बनाए गए कानून के विरोध में लिया। राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले का स्वागत किया। लेकिन इस विवाद में अपनी वापसी का मौका देखते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी अब कूद पड़े हैं। उन्होंने लोगों से उन तमाम कंपनियों के बहिष्कार की अपील कर दी है, जिन्होंने जॉर्जिया के इस कानून की आलोचना की है। उन्होंने मेजर लीग बेसबॉल टूर्नामेंट के बायकॉट का आह्वान भी किया है।

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ट्रंप ने जिन कंपनियों के बहिष्कार की अपील की है, उनमें कोका कोला, डेल्टा एयरलाइन्स, जेपी मॉर्गन चेज, वायाकॉम सीबीएस, सिटी ग्रुप, सिस्को, यूपीएस और मर्क शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि “उग्रवादी लेफ्ट डेमोक्रेट” उन कंपनियों का बायकॉट करते रहे हैं, जिनसे उनकी भावनाओं को चोट पहुंचती है। लेकिन अब वक्त आ गया है, जब रिपब्लकिन पार्टी और कंजरवेटिव समुदाय इसका जवाब दें। ट्रंप ने कहा- ‘हमारे साथ उनकी तुलना में अधिक लोग हैं, जो ऐसा कर सकते हैं।’

डेमोक्रेटिक पार्टी जॉर्जिया में बनाए गए कानून का लगातार विरोध कर रही है। राष्ट्रपति बाइडेन ने इसे नस्लभेद के जमाने जैसा कानून बताया है। उधर कॉरपोरेट जगत पर इस कानून के खिलाफ स्टैंड लेने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों और देश के उदारवादी जन समुदायों का भारी दबाव पड़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राजनीति में कॉरपोरेट जगत का काफी प्रभाव माना जाता है। इसलिए अक्सर उसके सख्त रुख का असर नीतिगत फैसलों पर पड़ता है।

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बीते हफ्ते 70 से ज्यादा अधिकारियों ने दिए थे बयान

बीते हफ्ते कॉरपोरेट सेक्टर के 70 से ज्यादा ब्लैक अधिकारियों ने एक बयान जारी कर अपने साथी अधिकारियों से इस मामले में रुख तय करने को कहा। अभी जॉर्जिया जैसा कानून टेक्सास राज्य में भी बनाने की कोशिश चल रही है। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए टेक्सास में मुख्यालय वाली कंपनी अमेरिकन एयरलाइन्स ने एक बयान में कहा कि मताधिकार को सीमित करने वाले किसी प्रावधान का वह पुरजोर विरोध करती है। डेल कंपनी के सीईओ माइकल डेल ने भी इस प्रस्तावित कानून के खिलाफ अपनी राय सार्वजनिक रूप से जताई है।

इसके पहले कॉरपोरेट सेक्टर की ऐसी प्रतिक्रिया 2016 में दिखी थी, जब नॉर्थ कैरोलाइना राज्य में समलैंगिकों के खिलाफ कानून पारित हुआ था। तब इस राज्य में एनबीए (बास्केटबॉल) और एनसीएए (एथलेटिक्सऑ) के बड़े टूर्नामेंट रद्द हो गए थे। बताया जाता है कि उससे वहां कारोबार को 3.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। बेसबॉल टूर्नामेंट के जॉर्जिया से बाहर जाने के फैसले से इस राज्य को भी भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों को आज युवा और अलग- अलग समुदायों से आने वाली प्रतिभाओं की जरूरत है। साथ ही उनका बाजार अंतरराष्ट्रीय है। इसलिए वैसे मामलों पर बोलना उनकी मजबूरी बन जाती है, जिसको लेकर समाज में भारी विरोध भाव देखा जाता है। जॉर्जिया में पिछले महीने पारित किए गए कानून में डाक से मतदान के लिए पहचान साबित करने की शर्तें बेहद सख्त कर दी गईं। इसके साथ मतदान के लिए कतार में खड़े लोगों को खाना या पानी मुहैया करान को अपराध बना दिया गया। आम समझ है कि इन प्रावधानों से ब्लैक और दूसरे अल्पसंख्यकों और गरीब तबकों के लोगों के लिए मतदान करना मुश्किल हो जाएगा।

जॉर्जिया के खिलाफ जिन कंपनियों ने सबसे पहले आवाज उठाई, उनमें माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प. और सिटीग्रुप शामिल हैं। इस कदम की आलोचना करने वाली कंपनी वायाकॉम सीबीएस की एक शाखा की सीईओ डेबरा ली ने कहा- युवा आज सिर्फ शब्दों से संतुष्ट नहीं हैं। वे ठोस कदम चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब निवेशक पर्यावरण और शासन संबंधी मसलों पर भी ध्यान दे रहे हैं। #MeToo और ब्लैक लाइव्स मैटर जैसे आंदोलनों ने भी यह अनिवार्य कर दिया है कि कंपनियां संवेदनशील मसलों पर अपना साफ रुख तय करें।

विश्लेषकों का कहना है कि अब देखने की बात यह होगी कि कंजरवेटिव खेमे की जवाबी मुहिम का कॉरपोरेट सेक्टर पर क्या असर होता है। फिलहाल, यह साफ है कि डॉनल्ड ट्रंप को इस प्रकरण से फिर सक्रिय होने और ‘लेफ्ट- लिबरल’ ऐस्टैबलिशमेंट के खिलाफ गोलबंदी करने का एक नया मौका मिल गया है। 
 
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