अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इस्राइल और हमास के बीच लगभग 23 महीने से जारी टकराव को खत्म करने पर बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि इस्राइल ने सभी शर्तें मान ली हैं, ऐसे में हमास को बंधकों को रिहा कर युद्ध को समाप्त करना चाहिए। जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने और क्या बातें कहीं
पश्चिम एशिया में इस्राइल और हमास का हिंसक संघर्ष सात अक्तूबर, 2022 को शुरू हुआ था। इस रक्तपात की शुरुआत हुए 23 महीने बीत चुके हैं। गत 23 माह की अवधि में 64 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। लाखों लोग विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। अमेरिका शांति बहाली के प्रयास करने के दावे कर रहा है। करीब नौ महीने पहले राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से इस संबंध में बातें भी कर चुके हैं। ताजा घटनाक्रम में उन्होंने एक बार फिर शांति बहाली को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि इस्राइल ने सभी शर्तों को मान लिया है। युद्ध समाप्त होना चाहिए।
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ट्रंप का दावा- इस्राइलियों ने मेरी शर्तें मान ली हैं
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, 'हर कोई बंधकों को घर वापस लाना चाहता है। हर कोई चाहता है कि यह युद्ध खत्म हो! इस्राइलियों ने मेरी शर्तें मान ली हैं। अब हमास के लिए भी इन्हें स्वीकार करने का समय आ गया है।'
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अगर हमास शर्तों को नहीं मानता है तो...
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास को अंतिम निर्णय लेने का अल्टीमेटम देने के अंदाज में लिखा, 'मैंने हमास को चेतावनी दी है।' उन्होंने कहा कि अगर हमास शर्तों को नहीं मानता है तो उन्हें क्या अंजाम भुगतने पड़ेंगे, वे स्पष्ट रूप से बता चुके हैं। ट्रुथ सोशल पर लिखे चेतावनी भरे संदेश में ट्रंप ने कहा, 'यह मेरी आखिरी चेतावनी है, अब और नहीं!'
सबसे बड़ा सवाल- क्या बीते 23 महीने से जारी हिंसा और गोलाबारी रुकेगी?
माना जा रहा है कि अमेरिका के इस सख्त रूख के बाद इस्राइल और हमास के बीच जारी टकराव खत्म होगा। गाजा में बीते 23 महीने से जारी हिंसा और गोलाबारी रुकेगी और अभूतपूर्व मानवीय संकट का सामना कर रहे फलस्तीनी लोगों को राहत मिलेगी। बता दें कि गाजा की मौजूदा स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र अपनी रिपोर्ट्स में कई बार भुखमरी और कुपोषण की चेतावनी दे चुका है। मानवीय संकट के कारण गाजा में रहने वाले लाखों लोगों के सामने जीवन का संकट है, जिस कारण इस क्षेत्र में शांति बहाल किए जाने की अपील की जा रही है।