इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा युद्धविराम वार्ता में प्रगति के संकेत दिए हैं। उन्होंने मोसाद विदेशी खुफिया एजेंसी के निदेशक को युद्ध विराम वार्ता के लिए कतर भेजने की अनुमति दे दी है। नेतन्याहू के कार्यालय ने शनिवार को इस बात की घोषणा की।
हालांकि, नेतन्याहू के कार्यालय ने यह साफ नहीं किया कि मोसाद निदेशक डेविड बार्निया कतर की राजधानी दोहा कब जाएंगे, जो इस्राइल और आतंकवादी समूह हमास के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता का स्थल है। उनकी यात्रा का मतलब है कि अब उच्च-स्तरीय इस्राइली अधिकारी वार्ता में शामिल हो रहे हैं, जिन्हें किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने की जरूरत होगी।
गाजा में पिछले 15 महीनों में केवल एक छोटा युद्ध विराम हुआ है, जो लड़ाई के शुरुआती हफ्तों में था। तब से अमेरिका, मिस्र और कतर द्वारा मध्यस्थता की गई वार्ता कई बार रुकी है।
युद्ध में 46000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए
पीएम नेतन्याहू ने गाजा में हमास की लड़ने की क्षमता को खत्म करने पर जोर दिया है, जबकि हमास ने इस्राइली सेना की वापसी की मांग की है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि युद्ध में 46,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं।
शिन बेट प्रमुख और अन्य सलाहकारों को भी कतर भेजा जा रहा
इस्राइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के प्रमुख और अन्य सलाहकारों को भी कतर भेजा जा रहा है। नेतन्याहू ने यह निर्णय रक्षा मंत्री और सुरक्षा प्रमुखों के साथ निवर्तमान और आने वाले अमेरिकी प्रशासन की ओर से बैठक के बाद लिया गया।
100 बंधक अभी भी हमास की गिरफ्त में
7 अक्तूबर, 2023 को आतंकवादी समूह हमास ने गाजा में हमला किया था। इस दौरान समूह ने करीब 1200 लोगों को मार दिया था और 250 लोगों को बंधक बना लिया था। अभी भी करीब 100 बंधक हमास की गिरफ्त में हैं। बंधक बनाए गए इन लोगों के परिवार पीएम नेतन्याहू पर अपने प्रियजनों को वापस लाने का दबाव बना रहे हैं।
पिछले सप्ताह दो गाजा बंधकों के मिले थे शव
पिछले सप्ताह दो बंधकों के शव बरामद होने से यह आशंका फिर से बढ़ गई है कि समय समाप्त होता जा रहा है। हमास ने कहा है कि महीनों की भीषण लड़ाई के बाद, यह निश्चित नहीं है कि कौन जीवित है या मर गया है।
इस्राइल-हमास पर समझौते का दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और हमास पर एक समझौते के लिए दबाव डाला है। ट्रंप ने हमास को चेतावनी भी दी है कि यदि 20 जनवरी को उनके शपथ ग्रहण से पहले युद्ध समाप्त नहीं किया गया तो सबकुछ तबाह हो जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी कहा कि इस्राइल और हमास के बीच युद्ध विराम का समझौता बहुत करीब है। उम्मीद है कि इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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