पाकिस्तान कई बार वैश्विक मंच पर बेइज्जत हुआ है, ऐसा एक वाकया वॉशिंगटन में बोर्ड ऑफ पीस की बैठक के दौरान भी देखने को मिला है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक में पीएम मोदी की तारीफ की, लेकिन इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को मंच पर खड़े रखा। जानें क्या है पूरा वाकया...
एक बार फिर वैश्विक मंत्र पर पाकिस्तान की बेइज्जती हुई है। दरअसल, वॉशिंगटन में बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ में कसीदे पढ़े। लेकिन इस दौरान जो घटनाक्रम हुआ, उससे पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ एक बार फिर जलील हुए। पीएम मोदी की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा- वे मेरे बेहतरीन दोस्त हैं। हालांकि इस मौके पर ट्रंप एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का श्रेय लेते नजर आए।
200% टैरिफ की धमकी के बाद रुका संघर्ष- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने हमारे चीफ ऑफ स्टाफ के सामने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और हमारे बीच युद्ध रोककर 2 करोड़ लोगों की जान बचाई। युद्ध भयंकर था। विमानों मार गिराए जा रहे थे। बकौल ट्रंप, 'मैंने दोनों (पीएम मोदी और शहबाज शरीफ) से फोन पर बात की। मैं प्रधानमंत्री मोदी को बहुत अच्छी तरह जानता था... मैंने उन्हें फोन किया और कहा, अगर दोनों देश इस मामले को नहीं सुलझाते तो अमेरिका कोई व्यापारिक समझौता नहीं करेगा... मैंने कहा, अगर दोनों देश लड़ते रहे तो मैं दोनों देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। दोनों ही लड़ना चाहते थे, लेकिन जब पैसे और भारी नुकसान की बात आई, तो उन्होंने कहा कि हम लड़ना नहीं चाहते... पैसा ही सब कुछ होता है। टकराव के दौरान 11 लड़ाकू जेट मार गिराए गए। ये बहुत महंगे जेट विमान हैं।
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पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में शामिल रहा भारत!
बता दें कि, इस बैठक में भारत ने पर्यवेक्षक देश के रूप में हिस्सा लिया। ट्रंप ने गाजा में युद्धविराम की निगरानी और हमास-इस्राइल के बीच युद्ध से तबाह हुए गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए इस संस्था का गठन किया है।
आसिफ ख्वाजा बोले- आसिम मुनीर मेरे बॉस नहीं
वहीं, एक साक्षात्कार के दौरान पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ ख्वाजा ने पाकिस्तान सरकार में सेना के दखल को लेकर बातचीत की है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में सेना और सरकार एक हाइब्रिड व्यवस्था के तहत काम करती है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या आसिम मुनीर उनके बॉस हैं? इससे इनकार करते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 'वे मेरे बॉस नहीं हैं, मेरे बॉस प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हैं।' इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान का इतिहास सरकार पर सेना के नियंत्रण का रहा है।