इटली के बारी में आयोजित जी7 सम्मलेन की इस समय हर तरफ चर्चा हो रही है। जी7 में पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच सुरक्षा को लेकर 10 साल के लिए दो पक्षीय समझौता हुआ है। जिसे जेलेंस्की ने ऐतिहासिक बताया है।
अमेरिका और यूक्रेन ने गुरुवार को इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर 10 साल के द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसको लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा, ‘यह समझौता मानव जीवन की सुरक्षा पर समझौता है।’
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने कहा,"हमने अपनी आजादी के बाद से यूक्रेन और अमेरिका के भीतर सबसे मजबूत समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।"
जेलेंस्की ने यूक्रेन और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर को "वास्तव में ऐतिहासिक दिन" बताया है।
सीएनएन रिपोर्ट के मुताबिक जेलेंस्की ने कहा कि यह समझौता सभी के लिए मददगार है क्योंकि रूस वास्तव में एक वैश्विक खतरा है। यह मानव जीवन की सुरक्षा को लेकर एक समझौता है। इस तरह ही हमारे राष्ट्र मजबूत बनेंगे। यह स्थाई शांती की गारंटी की ओर अग्रसर है और इसका पूरी दुनिया में सभी लोगों को लाभ मिलेगा।
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G-7 के आउटरीच सत्र में भाग लेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली पहुंचे हैं। पीएम मोदी G-7 के आउटरीच सत्र में भाग लेंगे। सम्मेलन के अलावा वह इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ भी मुलाकात संभव है।
जियोर्जिया मेलोनी G-7 की सबसे ताकतवर नेता बनकर उभरीं
इटली के पुगलिया में दक्षिणी इतालवी तटीय रिसॉर्ट बोर्गो एग्नाजिया में शिखर सम्मेलन बीते वर्षों के मुकाबले शायद इस समूह के नेताओं का सबसे कमजोर सम्मेलन साबित होने जा रहा है। यह ऐसे वक्त में हो रहा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध तीसरे साल में दाखिल हो रहा है और गाजा में हमास के खिलाफ इस्राइल की लड़ाई से मानवीय संकट उठ खड़ा हुआ है। नतीजन सम्मेलन से दुनिया के ताकतवर नेतृत्व की उम्मीद पाली जा रही, लेकिन ऐसा होना मुश्किल सा दिखता है, क्योंकि अधिकांश नेता चुनावों, घटती लोकप्रियता या घरेलू संकटों से परेशान हैं। लेकिन इसके उलट इटली की 47 साल की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी सबसे ताकतवर नेता बनकर उभरी हैं।