फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जी7 शिखर सम्मेलन: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यों पकड़ा पीएम मोदी का हाथ? फैमिली फोटो का वीडियो वायरल

Wed, 17 Jun 2026 07:48 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एवियन-लेस-बैंस (फ्रांस)

सार

फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैमिली फोटो में हिस्सा लिया, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीढ़ियां चढ़ते समय उनका हाथ पकड़ा। भारत-अमेरिका के बीच आज द्विपक्षीय बैठक की संभावना है। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
जी7 शिखर सम्मेलन - फोटो : एक्स/प्रसार भारती
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 सदस्यों और आमंत्रित राष्ट्र प्रमुखों के साथ फैमिली फोटो में हिस्सा लिया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनका हाथ पकड़ते नजर आए। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन


जी7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज यानी 17 जून को द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। इस द्विपक्षीय बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका से ऊर्जा आयात जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी को लेकर उत्सुक हैं और दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हो सकती है।



सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। वार्ताएं लगातार आगे बढ़ रही हैं और आने वाले कुछ सप्ताह में इस समझौते पर काम पूरा होने की उम्मीद है। दोनों देशों ने लगभग एक वर्ष तक चली बातचीत के बाद फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौता किया था। व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की है कि पीएम मोदी और ट्रंप की बैठक में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।

आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान 'नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर मजबूत करने' विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे में यह विषय और भी अहम हो जाता है। लेकिन कोई भी साझेदारी तभी सफल हो सकती है, जब उसकी नींव भरोसे पर टिकी हो।
विज्ञापन




उन्होंने कहा, आपसी भरोसा आज सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति है। लेकिन दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि भरोसे की कमी है और हमारे साझेदारियों का भविष्य इसी भरोसे को फिर से बनाने पर निर्भर करता है।



ये भी पढ़ें: G7 Summit Highlights: यूक्रेन को हथियार आपूर्ति से US-ईरान डील के स्वागत तक; जी7 देशों के बयान में खास क्या?

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत में हम दुनिया को एक परिवार के रूप में देखते हैं। हमारा अनुभव बताता है कि विकास तभी सबसे प्रभावी होता है, जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा होता है। इसी सिद्धांत पर हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां आधारित हैं, जैसे अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा सहनशील अवसंरचना गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, मिशन लाइफ और 'एक पेड़ मां के नाम'।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें