हजारों लोगों ने ब्राजील और विदेशों में ब्राजील दूतावास पर प्रदर्शन किए। पोप फ्रांसिस ने भी ब्राजील में लगी आग को लेकर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से आग पर जल्द काबू पाने के लिए प्रार्थना करने की अपील की। बोल्सोनारो पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने विकास कार्यों के लिए पर्यावरण नियमों में ढील दी। धुर दक्षिणपंथी नेता बोल्सोनारो शुरुआत में तो सैकड़ों आग की घटनाओं को ही खारिज करते रहे और उन्होंने इसका आरोप उनकी छवि धूमिल करने के लिए मानवाधिकार कार्यकर्ता समूहों पर जड़ दिया। इसके बाद यूरोपीय नेताओं के ब्राजील व दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच ट्रेड डील खत्म करने की चेतावनी के बाद बोल्सोनारो ने आग बुझाने के लिए सेना भेजी। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा, आग पर काबू पाने के बाद उनका देश अमेजन में फिर से वन लगाने पर बात करेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेजन की आग को लेकर चिंता जताने के बीच ब्राजील के उत्तरी हिस्से के प्रांत रोरैमा, एक्रे, रोंडोनिया, पारा, माटो ग्रोसो और अमेजोनास इससे बुरी तरह से प्रभावित हैं। रोरैमा में 141 फीसदी, एक्रे में 138 फीसदी, रोंडोनिया में 115 फीसदी और अमेजोनास में 81 फीसदी आग बढ़ी है, जबकि दक्षिण में मोटो ग्रोसो डो सूल में ये घटनाएं 114 फीसदी तेजी से बढ़ी हैं। ब्राजील में आपातकाल की घोषणा की गई है। इस आग से निकलने वाले धुएं का असर दक्षिणी अमेरिका के 9 देशों में देखने को मिल रहा है।
अटलांटिक तटों तक फैल रहा धुआं : नासा
नासा की मानें तो ये धुआं अटलांटिक तटों तक फैल रहा है। यानी यह फैलकर 2800 वर्ग किमी क्षेत्रफल को घेर रहा है। आग से बड़ी मात्रा में कार्बन डाईऑक्साइड पैदा हो रही है। इस साल 228 मेगाटन कार्बन डाईऑक्साइड पैदा हुई है। यह 2010 के बाद सबसे ज्यादा है। यहां जहरीली गैस कार्बन मोनो ऑक्साइड भी पैदा हो रही है। यह दक्षिणी अमेरिका के तटीय इलाकों तक पहुंच चुकी है।