जी-7 देशों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए अगले चार महीनों में 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है। इसकी शुरुआत तुरंत होगी। इस योजना में डीजल की बड़ी मात्रा पहले ही जारी की जाएगी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद यह घोषणा की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि डीजल जारी करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी।
तेल जारी करने की योजना कैसे लागू होगी?
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी इस पूरी योजना का समन्वय करेगी। जी-7 देशों के बयान के मुताबिक, चार महीने में कुल 10 करोड़ बैरल तेल जारी किया जाएगा। इसमें शुरुआती 20 दिनों के भीतर डीजल की बड़ी मात्रा बाजार में उतारी जाएगी। इस पहल में जी-7 के सदस्य देशों के साथ साझेदार देश भी शामिल होंगे।
- कुल तेल: चार महीने में 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की योजना है।
- पहले 20 दिन: शुरुआती दौर में डीजल की बड़ी मात्रा जारी की जाएगी।
- समन्वय: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी इस प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएगी।
अमेरिका में डीजल की कीमतों का क्या हाल?
अमेरिका में डीजल की कीमतें हाल के दिनों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं। अमेरिकी वाहन संगठन एएए के मुताबिक, शुक्रवार को देश में डीजल की औसत कीमत 6.37 डॉलर प्रति गैलन थी। इससे पहले 22 सितंबर को यह 6.52 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले बढ़ती महंगाई ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है।
ताजा कीमत: शुक्रवार को अमेरिका में डीजल की औसत कीमत 6.37 डॉलर प्रति गैलन रही।
रिकॉर्ड स्तर: 22 सितंबर को डीजल की कीमत 6.52 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थी।
मैक्रों और ट्रंप के बीच क्या बातचीत हुई?
फ्रांस के दूतावास के मुताबिक, ट्रंप ने रात में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से ईंधन की बढ़ती कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर बातचीत की थी। फ्रांस इस समय जी-7 समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इसके बाद मैक्रों ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जी-7 नेताओं की बैठक की। बैठक के बाद फ्रांस ने तेल जारी करने की योजना की घोषणा की।
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ईरान युद्ध का तेल की कीमतों से क्या संबंध?
अमेरिका और दुनिया के दूसरे हिस्सों में पिछले आठ महीने से जारी ईरान युद्ध के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए युद्ध की कीमत चुकाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया है कि युद्ध खत्म होने के बाद कीमतें कम हो जाएंगी, लेकिन फिलहाल युद्ध समाप्त होने के संकेत नहीं हैं।
इस बीच, एसोसिएटेड प्रेस और एनओआरसी के एक नए सर्वेक्षण में सामने आया कि अमेरिका के अधिकांश वयस्क बढ़ती कीमतों के लिए ट्रंप को जिम्मेदार मानते हैं। अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तरीके पर मंजूरी का स्तर भी नए निचले स्तर पर पहुंच गया है। ट्रंप ने इस सप्ताह अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अपने काम को ए-प्लस ग्रेड दिया, लेकिन यह भी कहा कि उनकी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने में सरकार बेहद खराब काम कर रही है।