भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दुरईस्वामी ने कहा कि G-20 सिर्फ एक वैश्विक कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा, भारत की अध्यक्षता में यह वैश्विक विमर्श को सभी विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों की ओर स्थानांतरित करने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि G-20 भारत को विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण चीजों को आगे ले जाने का अनूठा अवसर देता है। यह पूछे जाने पर कि जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता 77वें स्वतंत्रता दिवस को कैसे महत्वपूर्ण बनाती है, ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण है।
उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत स्वतंत्र था लेकिन तब बहुत काम करना बाकी था। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, हम स्वतंत्र थे, लेकिन हमें गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और उन लोगों के पुनर्वास के मामले में बहुत कुछ करना था जिन्होंने विभाजन के कारण सबकुछ खो दिया था। विभाजन के कारण हुई हिंसक घटनाओं के बाद समुदायाओं को फिर से एकजुट करना था।
दोरईस्वामी ने आगे कहा, फिर भी आप देखते हैं कि हम आज कहां हैं। इसे पहचानना इतना आसान नहीं है कि कितना हासिल किया गया है। हम भारत को वैश्विक स्तर पर लाने में कितना सफल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कहा कि G-20 भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा, 'यह (जी-20 की मेजबानी) हमें न केवल पूरे भारत को प्रदर्शित करने का मौका देता है, बल्कि सभी विकासशील देशों के लिए चिंता के मुद्दों की ओर वैश्विक विमर्श को स्थानांतरित करने में मदद करने का भी मौका देता है।'
ब्रिटेन (यूके) में भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार को तिरंगा फहराया और लंदन में 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर आयोजित कार्यक्रम में ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दुरईस्वामी, भारतीय सेना के अधिकारी, भारत के एनसीसी कैडेट और ब्रिटिश अधिकारी शामिल हुए।