पूरी दुनिया में अपना कहर बरपा रहे कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीतनी है तो जी20 देशों को वैश्विक अर्थव्यवस्था में पांच हजार अरब डॉलर का निवेश करना होगा।
सऊदी अरब में गुरुवार से जी-20 देशों का आपातकालीन शिखर सम्मेलन शुरू हो गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाले इस सम्मेलन की अध्यक्षता सऊदी अरब के सुलतान सलमान बिन अब्दुल अजीज अल-सऊद ने की। इस सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई शीर्ष नेताओं ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के समन्वित उपायों पर चर्चा की।
आर्थिक लक्ष्यों की बजाय मानवता पर हो ध्यान: प्रधानमंत्री मोदी
जी-20 वीडियो कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस संकट को लेकर कहा कि वैश्विक समृद्धि, सहयोग के लिए हमारे दृष्टिकोण के केंद्र बिंदु में आर्थिक लक्ष्यों के स्थान पर मानवता को रखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही दुनिया भर में कहीं अधिक अनुकुल, प्रतिक्रियात्मक और सस्ती मानव स्वास्थ्य सुविधा प्रणाली का विकास करने की वकालत की।
पीएम मोदी ने मानव के विकास के लिए मेडिकल शोध को स्वतंत्र रूप से और खुल कर साझा करने की अपील भी की। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) जैसे वैश्विक संगठनों को मजबूत करने की अपील की।