Chinese President Xi Jinping (File photo)
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को जी20 देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान अपरोक्ष रूप से भारत समेत सभी देशों से वार्ता के जरिए अपने साथ चल रहे विवादों के हल का प्रस्ताव दिया। जिनपिंग ने कहा कि चीन आपसी सम्मान, समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व कायम करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि चीन हमेशा वैश्विक शांति के निर्माण, वैश्विक विकास में योगदान और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा का काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि हम वार्ता के जरिए मतभेद दूर करने, मोलभाव के जरिए विवाद हल करने और विश्व शांति व विकास के लिए संयुक्त प्रयास कर सकते हैं। शी जिनपिंग का यह बयान भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में छह महीने से चल रहे सैन्य गतिरोध के दौरान आने के चलते बेहद अहम माना जा रहा है।
जी-20 सम्मेलन के मंच को साझा करेंगे मोदी-जिनपिंग
जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हिस्सा ले रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते जी-20 सम्मेलन की शुरुआत शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई। जी-20 के अध्यक्ष और सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउद ने जी-20 सम्मेलन के आगाज के अवसर पर कहा कि कोरोना महामारी के चलते 2020 असाधारण साल है। इसके चलते वैश्विक आर्थिक और सामाजिक नुकसान हुआ है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है।