ब्रिटेन में गृहमंत्री प्रीति पटेल पर अपने कैबिनेट सहयोगियों को डराने-धमकाने के आरोपों की जांच में पाया गया है कि गृहमंत्री ने मंत्रिस्तरीय संहिता को तोड़ा है। मंत्री पद की अवज्ञा के आरोप में उठी इस्तीफे की मांग के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन उनके बचाव में उतर आए हैं। पटेल का लगातार समर्थन कर रहे जॉनसन ने कहा है कि उन्हें भारतवंशी मंत्री पर अब भी पूरा भरोसा है।
एक स्वतंत्र जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हो सकता है गृहमंत्री ने अनजाने में ऐसा किया हो, लेकिन उ्होंने कर्मचारियों को धमकाने से मंत्रिस्तरीय संहिता को तोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने संहिता को तोड़ा नहीं है और उन्हें ब्रिटेन के सर्वोच्च राजनीतिक मंत्रालयों में से एक की प्रभारी प्रीति पटेल पर पूरा भरोसा है।
इसके बाद संहिता पर स्वतंत्र सलाहकार एलेक्स एलन को इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि यह फैसला उनकी रिपोर्ट के निष्कर्षों के खिलाफ था लेकिन ब्रिटेन में कई सियासी नेता पटेल के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। ब्रिटेन के पूर्व कैबिनेट मंत्री लॉर्ड ओडॉनेल ने पटेल का इस्तीफा मांगने वालों की मांग में अपनी बात को शनिवार को जोड़ा। उन्होंने कहा, पीएम भले ही मानते हैं कि मंत्रिस्तरीय संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है, लेकिन मैं मानता हूं कि प्रीति को इस्तीफा दे देना चाहिए।
गैर-इरादतन कहा जा सकता है मंत्री का बर्ताव
संहिता पर स्वतंत्र सलाहकार एलेक्स एलन की रिपोर्ट में कहा गया है कि मेरी सलाह है कि गृह मंत्री ने अपने मातहत अधिकारियों के साथ सम्मान पूर्वक व्यवहार करने की मंत्री संहिता के जरूरी उच्च मानकों को पूरा नहीं किया है। कई मौकों पर उनका व्यवहार ऐसा रहा जिसे लोगों के महसूस करने के लिहाज से धमकाने वाला कहा जा सकता है। मंत्री का यह व्यवहार गैर-इरादतन कहा जा सकता है।
मामला समाप्त मानती है कैबिनेट
जॉनसन की निष्ठावान सहयोगी मानी जाने वाली पटेल ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें इस बात के लिए खेद है कि अतीत में उनके व्यवहार से लोगों को दु:ख पहुंचा है। इस बीच, कैबिनेट कार्यालय के एक बयान में कहा गया कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को उनकी गृहमंत्री पर पूरा भरोसा है और वह इस मामले को अब समाप्त मानते हैं।