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Bangladesh: पूजा करने पर कट्टरपंथियों ने 200 साल पुराना बरगद का पेड़ काटा, हिंदू आबादी मायूस

सार

बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने हिंदुओं की आस्था के प्रतीक एक 200 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ तक को काट डाला गया। मदारीपुर जिले के शिराखारा यूनियन के आलम मीर कंडी गांव में कट्टरपंथियों ने बरगद के पेड़ के खिलाफ बाकायदा फतवा जारी किया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी जारी किया गया है।
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बरगद का पेड़ (सांकेतिक) - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता छोड़ने के बाद से सरकार में कट्टरपंथियों ने न सिर्फ अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और नफरत को हवा दी बल्कि हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि देश में हिंदुओं की आस्था के प्रतीक एक 200 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ तक को काट डाला गया। मदारीपुर जिले के शिराखारा यूनियन के आलम मीर कंडी गांव में कट्टरपंथियों ने बरगद के पेड़ के खिलाफ बाकायदा फतवा जारी किया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी जारी किया गया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, 200 साल पुराने धार्मिक मान्यताओं वाले बरगद के पेड़ की स्थानीय हिंदू समुदाय पूजा करता था। यह पेड़ आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ देश के लिए 200 वर्ष पुरानी एक प्राकृतिक विरासत भी था, जहां लोग दूर-दराज से मन्नत मांगते थे। कुछ कट्टरपंथी मौलवियों ने इसे ‘शिर्क’ यानी इस्लाम में अल्लाह के साथ किसी और को जोड़ने की हराम हरकत करार देते हुए फतवा जारी कर दिया। इसी के साथ पेड़ को आरी लेकर काटा गया। पेड़ पर आरी चलाते हुए बांग्लादेशियों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया गया कि हिंदू समुदाय बरगत के इस पेड़ के नीचे दीपक जलाकर पूजा-पाठ करते थे। 

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हिंदू आबादी मायूस
बरगद के पेड़ के काटने के बाद स्थानीय हिंदू आबादी काफी मायूस और डरी हुई है, क्योंकि बांग्लादेश में अब मुस्लिम चरमपंथी हर तरफ हावी हैं। हिंदुओं की आस्था, प्रतीक और उनके घरों पर हमले हो रहे हैं।
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ब्रिटेन में इलाज के बाद स्वदेश लौटीं बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया लंदन में चार महीने तक इलाज कराने के बाद मंगलवार को स्वदेश लौट आई हैं। वह 8 जनवरी को बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए लंदन गई थीं। घर वापसी के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष व तीन बार पीएम रह चुकी 79 वर्षीय जिया की पार्टी ने कहा, अब देश में लोकतंत्र की बहाली में मदद मिलेगी। खालिदा लंबे समय से लिवर सिरोसिस, किडनी रोग, हृदय रोग, मधुमेह और गठिया से पीड़ित हैं। महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा, जिया के देश में आने से आगामी चुनावों में रणनीति व लोकतंत्र बहाली के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

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